गांव के हर बच्चे को तंबाकू रोग से बचाकर ही स्वस्थ भारत की संकल्पना होगी साकार…ज्योति बाबा
कानपुर। यूएन एजेंसी ने एक नई रिपोर्ट में आगाह करते हुए कहां है कि यह एक वास्तविकता है कि तंबाकू सेवन अभी सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम में से एक बना हुआ है इसके बावजूद 53 देश में धूम्रपान पर पूर्ण प्रतिबंध अभी लागू नहीं है, अप्रत्यक्ष धूम्रपान यानी किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए जाने वाले धूम्रपान के आसपास होने के कारण भी हर साल लगभग 13 लाख लोग अपनी जिंदगी गवा देते हैं और करोड़ों बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। सोशल एक्टिविस्ट गीता पाल ने कहा कि भारत में महिलाओं में तंबाकू का सेवन एक जटिल मुद्दा है जिसमें सामाजिक,आर्थिक और व्यक्तिगत कारक शामिल हैं तंबाकू के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिम के बारे में जागरूकता बढ़ाना और रोकथाम और उपचार कार्यक्रमों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।