अर्थोपार्जन के लिए प्रयत्न करें,पाप नहीं – आचार्य अभिषेक

कानपुर ।
बाबा महाकालेश्वर मन्दिर के छब्बीसवें वार्षिकोत्सव पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर आचार्य अभिषेक शुक्ल जी ने कहा कि अर्थ अमृत है परन्तु कभी-कभी वह विष भी बन जाता है,नीति से आए और रीति से जिसका उपयोग हो वह अर्थ अमृत है,अनीति से आए तो वही विषवत् होता है,इसलिए अर्थोपार्जन के व्यक्ति को प्रयत्न अवश्य करे परन्तु पापाचार नहीं करना चाहिए,अनादिकाल से धर्मशास्त्र ही मानव का सन्मार्ग प्रशस्त कर उसके लौकिक-पारलौकिक कल्याण का मार्ग आलोकित करते रहे हैं,धर्मशास्त्रों में ही प्रत्येक वर्ण के,प्रत्येक आश्रम के कर्तव्य-पालन की प्रेरणा निहित है,ब्रह्मचर्याश्रम,गृहस्थाश्रम वानप्रस्थाश्रम तथा संन्यासाश्रम में क्या कर्तव्य पालन करने चाहिए,धर्म और अधर्म क्या है,यह सब जानने के मुख्य आधार शास्त्र ही हैं, ,,भगवान् श्रीकृष्णकी बाललीला,मृदा भक्षण,गोवर्धन धरण आदि का वर्णन किया इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद के अखिल भारतीय अधिकारी प्रकाश शर्मा, कल्याणपुर विधानसभा से विधायक नीलिमा कटियार, जेपी त्रिपाठी, डॉ संध्या ठाकुर, एडवोकेट राजेश ठाकुर, सुलभा अग्निहोत्री, पनकी महन्त महामण्डलेश्वर कृष्णदास जी महाराज , अनीता अग्रवाल , बाबा महाकाल एक सेवा समिति के अध्यक्ष मंदिर के प्रबंधक ज्योतिष आचार्य नरेंद्र शास्त्री उपस्थित रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नमस्कार,J news India में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9044953076,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद