कर्रही रोड स्थित बृजेंद्र श्यामा हॉस्पिटल का डॉ. हरिदत्त नेमी ने किया शुभारंभ, सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के मुखिया की भूमिका को लेकर उठी चर्चा
कानपुर। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. हरिदत्त नेमी ने कर्रही रोड स्थित बृजेंद्र श्यामा हॉस्पिटल का शुभारंभ किया। निजी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में सीएमओ की मौजूदगी अब चर्चा का विषय बन गई है। सवाल उठ रहा है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करने वाले जिले के शीर्ष अधिकारी का निजी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में शामिल होना जनता के बीच क्या संदेश देता है।बृजेंद्र श्यामा हॉस्पिटल के उद्घाटन समारोह में चिकित्सा, सामाजिक, व्यापारिक और विधिक क्षेत्र से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। अस्पताल को डॉ. योगेंद्र सचान और डॉ. अंकित सचान के परिवार की नई पहल बताया गया। समारोह में उपस्थित लोगों ने अस्पताल की शुरुआत पर शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
निजी अस्पतालों की निगरानी भी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी
सीएमओ का पद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के साथ निजी चिकित्सा संस्थानों से संबंधित नियमानुसार निगरानी और जनस्वास्थ्य से जुड़े दायित्व भी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारियों में शामिल हैं। ऐसे में निजी अस्पताल के उद्घाटन समारोह में सीएमओ की भागीदारी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, किसी निजी अस्पताल का उद्घाटन करना अपने आप में नियमों के उल्लंघन का प्रमाण नहीं है। लेकिन सार्वजनिक पद पर बैठे अधिकारियों की ऐसी गतिविधियों को लेकर पारदर्शिता और उनकी भूमिका पर चर्चा जरूर हो सकती है। ऐसे में यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि अस्पताल को आवश्यक पंजीकरण और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन की अनुमति प्राप्त है या नहीं।
जनता के मन में उठ रहे सवाल
निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं और चिकित्सा मानकों का पालन आम लोगों के लिए अहम मुद्दे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा रहती है कि वह सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों में मरीजों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करे।
अब सवाल यह है कि क्या सीएमओ की इस कार्यक्रम में मौजूदगी केवल एक औपचारिक सामाजिक सहभागिता थी या इसके पीछे कोई अन्य आधिकारिक भूमिका भी थी? इस संबंध में सीएमओ का पक्ष और अस्पताल के पंजीकरण व संचालन से जुड़ी जानकारी सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, बृजेंद्र श्यामा हॉस्पिटल के शुभारंभ ने सरकारी स्वास्थ्य अधिकारियों की सार्वजनिक भूमिका और निजी चिकित्सा संस्थानों की निगरानी से जुड़े मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।