कानपुर। साढ़ थाना क्षेत्र के भीतरगांव कस्बे में कथित रूप से बिना पंजीकरण संचालित हेल्थ सेंटर में भर्ती मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। मामला बढ़ता देख अस्पताल संचालक ताला बंद कर मौके से फरार हो गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्राम सिरोह सराय पतारा निवासी स्वर्गीय नंदकिशोर के बेटे संदीप कुमार (25) को फेफड़ों में तकलीफ थी और उसका कानपुर में इलाज चल रहा था। वह डॉक्टर को दिखाने के बाद घर पर दवाइयां ले रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, दो दिन पहले भीतरगांव कस्बे में बिना पंजीकरण खुले राशि हेल्थ केयर अस्पताल के कथित संचालक सिरोह सराय गांव पहुंचे और घर-घर जाकर अस्पताल खुलने की जानकारी दी। इसी दौरान वह संदीप के घर भी पहुंचे और उसे भर्ती कर इलाज कराने की बात कहते हुए अस्पताल ले गए। परिजनों के अनुसार, संचालक ने बीमारी ठीक करने की गारंटी भी दी थी। मंगलवार सुबह अस्पताल में ही संदीप की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल का स्टाफ मौके से चला गया। संदीप के परिजनों ने गलत इलाज से मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि संदीप को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उसका सही तरीके से इलाज नहीं किया गया।हंगामा बढ़ता देख अस्पताल संचालक ताला बंद कर फरार हो गया। बाद में परिजन साढ़ थाने पहुंचे और तहरीर दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।साढ़ थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झोलाछाप के अस्पताल में मरीज की मौत, हंगामा