यूजीसी पत्रकारिता सर्टिफिकेट कोर्स का शुभारंभ

जुहारी देवी कॉलेज में छह माह के पाठ्यक्रम की शुरुआत, विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को बताए पत्रकारिता के गुर

कानपुर। जुहारी देवी गर्ल्स पीजी कॉलेज के सभागार में शुक्रवार को यूजीसी द्वारा अनुमोदित पत्रकारिता सर्टिफिकेट कोर्स का दीक्षारंभ कार्यक्रम उत्साहपूर्ण एवं भव्य वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक पंकज प्रसून, दैनिक जागरण कानपुर की चीफ मैनेजर एवं संगिनी क्लब की ब्रांड हेड भावना शुक्ला, सचिव प्रबंधतंत्र आशीष सिंह चौहान, संयुक्त मंत्री अमित कुमार, सदस्य प्रबंधतंत्र अरुण कुमार चतुर्वेदी, प्राचार्या प्रो. रंजू कुशवाहा और कार्यक्रम संयोजिका प्रो. अलका द्विवेदी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। अतिथियों का स्वागत तुलसी का पौधा भेंटकर किया गया। प्राचार्या प्रो. रंजू कुशवाहा ने कहा कि कॉलेज में यूजीसी अनुमोदित पत्रकारिता कार्यक्रम के पुन: प्रारंभ होने से उन्हें प्रसन्नता है। कार्यक्रम संयोजिका प्रो. अलका द्विवेदी ने पीपीटी के माध्यम से पाठ्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि छह माह के इस कोर्स का शुल्क मात्र दो हजार रुपये रखा गया है। किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी इसमें प्रवेश ले सकता है।

उन्होंने पत्रकारिता की विकास यात्रा, ‘उदन्त मार्तण्ड’ के इतिहास, लोकतंत्र के चतुर्थ स्तंभ के रूप में मीडिया की भूमिका तथा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल माध्यमों की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। विद्यार्थियों को फीचर लेखन, संपादकीय और साक्षात्कार लेखन का प्रशिक्षण दिए जाने की भी जानकारी दी गई।

मुख्य वक्ता पंकज प्रसून ने पत्रकारिता के अपने तीन दशक के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज को सामने लाने और लोकतंत्र में जिम्मेदार भूमिका निभाने का माध्यम है। उन्होंने ‘अमृत प्रभात’, ‘दैनिक जागरण’ और ‘अमर उजाला’ में कार्य के अनुभवों के साथ उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की राजनीतिक यात्राओं, चुनावी समीकरणों और जमीनी रिपोर्टिंग की बारीकियां विद्यार्थियों को बताईं।

विशिष्ट अतिथि भावना शुक्ला ने कहा कि मीडिया और ब्रांडिंग के दौर में सूचना के साथ सत्यनिष्ठा, रचनात्मकता और उत्तरदायित्व भी जरूरी है। उन्होंने अपने अकादमिक, कॉर्पोरेट और मीडिया अनुभव साझा करते हुए छात्राओं को डिजिटल मार्केटिंग, पॉडकास्टिंग और स्वतंत्र कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में कौशल विकसित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

सचिव प्रबंधतंत्र आशीष सिंह चौहान ने कहा कि समाज की जरूरत के अनुरूप ऐसे पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देना जरूरी है। कार्यक्रम में अतिथियों को प्रतीक चिह्न एवं उत्तरीय भेंटकर सम्मानित किया गया। मंच संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कीर्ति मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कशिश ने किया। इस दौरान डॉ. ज्योतिर्मयी त्रिपाठी, प्रो. सुनीता द्विवेदी, प्रो. अर्चना दीक्षित, प्रो. चांदनी सक्सेना, डॉ. कल्पना गौड़, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. रेनू, डॉ. रुचि कटियार सहित अन्य शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। प्रशासनिक अधिकारी अशोक कुमार यादव ने पाठ्यक्रम के प्रशासनिक संचालन, अभिलेख, प्रवेश और शुल्क प्रबंधन की व्यवस्थाएं संभालीं। हिंदी विभाग के शोध छात्र-छात्राओं ने भी सहयोग किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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