ऑपरेशन विजय की चेतावनी, 20 नवंबर से लखनऊ के इको गार्डन में शुरू होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
कानपुर। उत्तर प्रदेश को पूर्ण नशामुक्त बनाने की मांग को लेकर ऑपरेशन विजय बुराइयों के खिलाफ जंग ने निर्णायक संघर्ष का ऐलान किया है। संगठन ने प्रदेश सरकार से दो अक्टूबर गांधी जयंती तक विधानसभा में नशामुक्त उत्तर प्रदेश संबंधी विधेयक लाने की मांग की है। निर्धारित समय तक विधेयक नहीं लाए जाने पर 20 नवंबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। इस संबंध में संगठन की ओर से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष को दूसरा पत्र भेजा गया है।
ऑपरेशन विजय के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट शिवमंगल सिंह आईपी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद उत्तर प्रदेश को पूर्ण नशामुक्त बनाने के लिए निर्णायक संघर्ष का निर्णय लिया गया था। इसके तहत 17 अगस्त 2026 को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र एवं ज्ञापन भेजकर दो अक्टूबर को विधानसभा में नशामुक्त उत्तर प्रदेश संबंधी विधेयक लाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि, इस पत्र पर कोई जवाब नहीं मिलने के बाद संगठन ने दोबारा अनुस्मारक पत्र भेजकर अपनी मांग दोहराई है।
उन्होंने कहा कि नशा केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश और समाज के लिए गंभीर खतरा है। नशे के दुष्परिणामों को देखते हुए यह सवाल उठता है कि जब नशा समाज के लिए इतना घातक है तो चुनी हुई सरकारें इसे रोकने के लिए निर्णायक कदम क्यों नहीं उठातीं। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती समस्या पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार को ठोस नीति बनाकर उसे लागू करना चाहिए।
दो अक्टूबर को बैठक कर तय होगी आंदोलन की रूपरेखा
शिवमंगल सिंह आईपी ने बताया कि यदि प्रदेश सरकार दो अक्टूबर 2026 तक विधानसभा में उत्तर प्रदेश को पूर्ण नशामुक्त बनाने संबंधी विधेयक नहीं लाती है तो उसी दिन ऑपरेशन विजय के मुख्य कार्यालय में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई जाएगी। इसमें संगठन के पदाधिकारी शामिल होकर आगामी आंदोलन की रणनीति और कार्यक्रम तय करेंगे। बैठक के बाद आंदोलन की विधिवत रूपरेखा घोषित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि 20 नवंबर 2026 को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवमंगल सिंह आईपी के जन्मदिन को संघर्ष दिवस के रूप में मनाते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दिन ऑपरेशन विजय के पदाधिकारी, योद्धा और शुभचिंतक मुख्य कार्यालय से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इको गार्डन के लिए रवाना होंगे। वहां नशाबंदी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने इसे उत्तर प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक संघर्ष बताया है।
सरकार से निर्णायक कदम उठाने की मांग
ऑपरेशन विजय प्रमुख ने कहा कि संगठन के हजारों पदाधिकारी, योद्धा और शुभचिंतक नशे के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करेंगे। उनका कहना है कि नशे की समस्या से समाज को बचाने के लिए सरकारों को जनहित में फैसला लेना चाहिए। संगठन इस मांग को लेकर लगातार प्रयास करेगा और सरकार का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित करेगा।
उन्होंने गुजरात और बिहार का उल्लेख करते हुए कहा कि इन राज्यों में नशे पर रोक लगाने के लिए सरकारों ने कदम उठाए हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश में भी नशामुक्ति के लिए प्रभावी पहल की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्परिणामों से परिवार और समाज प्रभावित होते हैं, इसलिए इस दिशा में सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है।
शिवमंगल सिंह आईपी ने प्रदेशवासियों से नशामुक्त उत्तर प्रदेश अभियान में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि समाज को नशे की बुराई से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि दो अक्टूबर तक सरकार के निर्णय पर नजर रखी जाएगी। मांग पूरी नहीं होने पर 20 नवंबर से आंदोलन शुरू करने की तैयारी की जाएगी।
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