घर से नाराज होकर ट्रेन से निकली थीं दोनों, कानपुर सेंट्रल पर ‘मेरी सहेली’ टीम ने सुरक्षित उतारा
कानपुर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कानपुर सेंट्रल ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत सतर्कता दिखाते हुए घर से नाराज होकर निकलीं दो किशोरियों को सुरक्षित बरामद कर लिया। प्रयागराज के डिवीजनल सिक्योरिटी कंट्रोल रूम से मिली सूचना के बाद आरपीएफ स्टाफ और ‘मेरी सहेली’ टीम ने ट्रेन में सफर कर रही दोनों किशोरियों की पहचान कर उन्हें कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर सुरक्षित उतारा।
आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार के अनुसार, दोनों किशोरियों ने अपनी उम्र 14 और 13 वर्ष बताई। उन्होंने बताया कि वे झारखंड की रहने वाली हैं। किशोरियों के मुताबिक, परिजन पढ़ाई को लेकर उन पर दबाव बनाते थे। इसी से नाराज होकर दोनों ने घर से निकलने की योजना बनाई थी। सोमवार दोपहर मौका मिलते ही दोनों घर से निकल गईं और ट्रेन में सवार होकर कानपुर पहुंच गईं। इसी बीच प्रयागराज के डिवीजनल सिक्योरिटी कंट्रोल रूम से आरपीएफ को दोनों किशोरियों के ट्रेन से सफर करने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही कानपुर सेंट्रल आरपीएफ स्टाफ और ‘मेरी सहेली’ टीम सक्रिय हो गई। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर दोनों किशोरियों को तलाश कर सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया गया। उनकी सुरक्षा को देखते हुए आरपीएफ ने तत्काल रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी।
मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन की सुपरवाइजर और कार्यकर्ता आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों किशोरियों को रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपुर्द कर दिया गया। अब दोनों को बाल कल्याण समिति, कल्याणपुर, कानपुर नगर के समक्ष पेश किया जाएगा। समिति के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरपीएफ की समय रहते की गई कार्रवाई से दोनों नाबालिग किशोरियों को संभावित खतरे से बचाया जा सका। अधिकारियों के मुताबिक, ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में अकेले या संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने वाले बच्चों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आरपीएफ का उद्देश्य ऐसे बच्चों को सुरक्षित संरक्षण दिलाने के साथ उनके परिजनों तक पहुंचाना है।