कानपुर। बहुचर्चित एपिफेनी चुन्नीगंज एवं चर्च ऑफ इंडिया ट्रस्ट (14/137, खलासी लाइन, सिविल लाइंस) की कथित भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामले में नया दावा सामने आया है। जॉनसेन टी. जॉन ने जारी बयान में आरोप लगाया है कि पूरे प्रकरण में उन्हें सुनियोजित तरीके से झूठा फंसाया गया, जबकि वास्तविक षड्यंत्र के पीछे डी.के. सिंह (धीरेन्द्र कुमार सिंह) और अखिलेश सिंह हैं।
जॉनसेन टी. जॉन का कहना है कि कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर (प्र.सू.रि. सं. 0002/2022) तथा उपलब्ध दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि कथित फर्जी विक्रय अनुबंध, पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य दस्तावेज तैयार कर चर्च की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति हड़पने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं और उन्होंने किसी भी अवैध दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए। उन्होंने कहा कि न्यायालय में प्रस्तावित उनकी गवाही से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। इसी कारण उन्हें बदनाम करने, गवाही प्रभावित करने और कानूनी प्रक्रिया को भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अपने कथित हस्ताक्षरों की फॉरेंसिक एवं हैंडराइटिंग विशेषज्ञ से जांच कराने की मांग की है। जॉनसेन टी. जॉन और उनके अधिवक्ताओं ने शासन, पुलिस प्रशासन तथा न्यायालय से मुख्य आरोपियों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
यह समाचार संबंधित पक्ष द्वारा जारी बयान और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है तथा आरोपों की पुष्टि न्यायालय या जांच एजेंसी द्वारा होना शेष है।)
चर्च भूमि प्रकरण में नए दावों से मचा हड़कंप