कानपुर। देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा तैयार की गई 40 मिनट की शॉर्ट फिल्म ‘साइलेंट क्राइम्स : नॉट जस्ट ए फिल्म, ए वेकअप कॉल’ का शनिवार को रेवश्री सिनेमा में भव्य प्रीमियर लॉन्च किया गया। फिल्म का पहला संवाद “अब डकैत घोड़े पर नहीं, मोबाइल के पीछे से आते हैं…” जैसे ही पर्दे पर गूंजा, पूरा सिनेमा हॉल तालियों से गूंज उठा।
फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता अन्नू कपूर ने साइबर क्राइम दरोगा करतार सिंह की मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि अभिनेता मुश्ताक खान इंस्पेक्टर बाबूलाल दुबे के किरदार में नजर आए हैं। वहीं एसीपी कर्नलगंज आनंद ओझा ने फिल्म में एसीपी अंगद सिंह की भूमिका निभाई है और वे फिल्म के पोस्टर बॉय भी हैं।
प्रीमियर के दौरान अन्नू कपूर ने कहा कि मुंबई की बड़ी-बड़ी व्यावसायिक फिल्मों को भी ऐसा प्रीमियर देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प और अभियान है। उन्होंने बताया कि वर्षों पहले पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से साइबर अपराध पर फिल्म बनाने को लेकर चर्चा हुई थी, जो आज साकार हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर, एसीपी आनंद ओझा और पूरी टीम के संयुक्त प्रयास से यह महत्वपूर्ण मुहिम सफल हुई है।
फिल्म शुरू होने से पहले अन्नू कपूर ने कवि शैलेन्द्र की प्रसिद्ध पंक्तियां—”तू जिंदा है तो जिंदगी की जीत में यकीन कर…”—सुनाकर उपस्थित लोगों में उत्साह का संचार किया। इसके बाद करीब 40 मिनट की फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
फिल्म के प्रदर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में अन्नू कपूर ने अपने साथ हुई ठगी की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में फ्रांस के डिजॉन शहर में रेलवे प्लेटफॉर्म पर दो लोगों ने मदद के बहाने उनका करीब 2.50 लाख रुपये कीमत का प्राडा (PRADA) बैग और उसमें रखा लाखों रुपये का सामान व विदेशी मुद्रा लेकर फरार हो गए। इस घटना में उनका लगभग 13 से 14 लाख रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि फ्रांस पुलिस ने ढाई घंटे के भीतर रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन साफ कहा कि सामान या पैसा वापस मिलना मुश्किल है।
अन्नू कपूर ने बताया कि इसके बाद मुंबई में भी वे साइबर ठगी का शिकार हुए, जब उनके बैंक खाते से पूरी रकम निकाल ली गई। उन्होंने बताया कि यह धन कोविड महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए रखा गया था। मुंबई साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत के बाद जांच हुई और बिहार से पूरी रकम बरामद कर उन्हें वापस दिलाई गई। उन्होंने कहा कि उनका मामला राष्ट्रीय समाचार बना, लेकिन आम लोगों के साथ होने वाली साइबर ठगी को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ इस फिल्म का निर्माण किया गया है।
पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने बताया कि फिल्म का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधियों के नए तरीकों से सावधान करना और समय रहते सतर्क रहने का संदेश देना है। फिल्म में ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
फरवरी में पूरी हुई थी फिल्म की शूटिंग
‘साइलेंट क्राइम्स : नॉट जस्ट ए फिल्म, ए वेकअप कॉल’ की शूटिंग फरवरी 2026 में कानपुर पुलिस लाइन, पुलिस कार्यालय और कोतवाली थाना परिसर में पूरी की गई थी। प्रीमियर से पहले कई लोगों ने मंच पर अपने साथ हुई साइबर ठगी की घटनाएं साझा कीं।
इस अवसर पर एमएलसी अरुण पाठक, विधायक अमिताभ बाजपेई, विधायक महेश त्रिवेदी, फिल्म निर्देशक धीरज कुमार, लेखक आशीष द्विवेदी, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, डीसीपी एस.एम. कासिम आबिदी, एडीसीपी एलआईयू महेश कुमार, डीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके, एडीसीपी अंजलि विश्वकर्मा, नजम हमराज, संजय कपूर सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।