कानपुर/लखनऊ। 37वीं वाहिनी पीएसी कानपुर नगर के जवानों ने अपनी सतर्कता, सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक युवक की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की। इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के लखनऊ स्थित सरकारी आवास की सुरक्षा में तैनात पीएसी जवानों ने पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रहे युवक को समय रहते नीचे उतार लिया। इसके बाद तत्काल स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना देकर युवक को अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई।
जानकारी के अनुसार, उप सेनानायक (एडीएसपी) तनु उपाध्याय के निर्देशन में रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में तैनात 37वीं वाहिनी पीएसी के ‘एफ दल’ के जवान मंगलवार रात करीब 10:20 बजे कालिदास मार्ग स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली के आवास पर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उनकी नजर आवास से सटे एक पीपल के पेड़ पर गई, जहां एक युवक फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास कर रहा था।
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पीएसी जवानों ने बिना समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचकर युवक को फंदे से नीचे उतार लिया और उसकी जान बचा ली। इसके बाद डायल-112, स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी गई। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी हालत सामान्य बताई।
पुलिस के अनुसार युवक की पहचान कल्लू पुत्र बनारसी, निवासी ग्राम हिंदोली, थाना गौराकलां, जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। फिलहाल स्थानीय पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के प्रयास के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
इस सराहनीय कार्य में हेड कांस्टेबल श्याम नारायण मिश्रा, कांस्टेबल सतवीर, कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल पूरन प्रकाश और कांस्टेबल अमित राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी सजगता और त्वरित कार्रवाई की उच्चाधिकारियों ने सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है। पीएसी जवानों के इस मानवीय कार्य की व्यापक प्रशंसा हो रही है।
पीएसी जवानों की मुस्तैदी से बची युवक की जान