कानपुर। शहर से बाहर जाने वाले प्रमुख मार्गों और चौराहों पर निजी वाहनों के माध्यम से सवारियां ढोने का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। पनकी बाईपास, कल्याणपुर क्रासिंग, गोल चौराहा, रामादेवी, नौबस्ता समेत कई स्थानों पर बड़ी संख्या में निजी कारें यात्रियों को लेकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना होती देखी जा सकती हैं। यह व्यवस्था कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से संचालित हो रही है, जिसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर के सबसे व्यस्त चौराहों पर खुलेआम चल रहे इस कारोबार की जानकारी पुलिस और परिवहन विभाग को न हो, यह मानना मुश्किल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर निजी वाहन पूरे दिन सवारियां भरते हैं और नियमित रूप से फतेहपुर, घाटमपुर, रनिया, लखनऊ, कन्नौज समेत अन्य जिलों के लिए संचालित होते हैं। इसके कारण कई चौराहों पर जाम की समस्या भी बनी रहती है।
रामादेवी चौराहा इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां विभिन्न दिशाओं में जाने वाले मार्गों पर दर्जनों निजी वाहन सवारियों के इंतजार में खड़े रहते हैं। यात्रियों को तुरंत वाहन मिल जाने से इनका उपयोग बढ़ रहा है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह व्यवस्था चिंता का विषय भी बन रही है। अधिकांश वाहन निजी श्रेणी में पंजीकृत बताए जाते हैं, जबकि उनका उपयोग व्यावसायिक रूप से किया जा रहा है।
यात्री सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। निजी वाहनों में सफर करने वाले यात्रियों का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता। ऐसे में दुर्घटना, लूटपाट या अन्य आपराधिक घटनाओं की स्थिति में जांच एजेंसियों के सामने कठिनाई खड़ी हो सकती है। लंबी दूरी के कई मार्ग सुनसान इलाकों से होकर गुजरते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस कारोबार के चलते सरकारी परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा है। रोडवेज बसों को कई बार यात्रियों के इंतजार में खड़ा रहना पड़ता है, जबकि निजी वाहन चौराहों से ही सवारियां लेकर निकल जाते हैं। इससे सरकारी राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कही जा रही है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन शहर के प्रमुख चौराहों पर खुलेआम संचालित हो रही इस व्यवस्था ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में यातायात, सुरक्षा और राजस्व से जुड़ी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।
कानपुर के प्रमुख चौराहों पर धड़ल्ले से दौड़ रहा प्राइवेट वाहनों का कारोबार, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर सवाल