सीएसए में मुख्यमंत्री योगी ने किया कृषि प्रदर्शनी का उद्घाटन

कानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को कानपुर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला और कृषि प्रदर्शनी में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को स्वस्थ समाज, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताते हुए किसानों से पारंपरिक खेती की ओर लौटने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री सुबह करीब 11:45 बजे सीएसए परिसर स्थित हेलीपैड पर पहुंचे, जहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। स्वागत करने वालों में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, सांसद रमेश अवस्थी, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, महापौर प्रमिला पांडेय सहित कई विधायक एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सीएसए परिसर में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती से जुड़ी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से संवाद करते हुए कहा कि भारत आज अपनी विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का आत्मविश्वास बढ़ा है और भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता था, लेकिन विदेशी सोच और परंपराओं की अंधी नकल के कारण देश पीछे चला गया। अब भारत अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।उन्होंने प्राकृतिक खेती को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से जहां मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित हुई है, वहीं लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। किडनी, लीवर और अन्य गंभीर बीमारियों के बढ़ते मामलों का एक कारण रासायनिक खेती भी है। इसलिए प्राकृतिक और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गो-आधारित खेती के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की लागत में 10 से 12 हजार रुपये तक की कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि किसान गाय को अपने परिवार का हिस्सा बनाकर खेती से जोड़ें तो खेती अधिक लाभकारी होगी और गोवंश संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाखों निराश्रित गोवंशों का संरक्षण किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही हैं, लेकिन सरकार का लक्ष्य ऐसा समाज बनाना है जहां बीमारियां कम से कम हों। प्राकृतिक खेती इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।उन्होंने किसानों को केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य, किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और सिंचाई परियोजनाओं ने किसानों को नई ताकत प्रदान की है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम आलोचना करना है, लेकिन देश का किसान विकास और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम के दौरान छोटे लाल, राजेश कुमार त्रिपाठी, आशीष कुमार, सुनील सिंह कटियार और फूलचंद यादव सहित कई प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को ताम्रपत्र पर अंकित उनका चित्र भेंट कर सम्मानित किया। सीएसए कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) पहुंचे, जहां उन्होंने मंडलीय समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं, लोक निर्माण विभाग और औद्योगिक विकास से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।करीब तीन घंटे पचास मिनट के कानपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्योग, आधारभूत ढांचे और विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

नमस्कार,J news India में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9044953076,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद