उन्नाव। नगर पालिका परिषद उन्नाव में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर सभासदों ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता कर गंभीर आरोप लगाए। सभासदों ने कहा कि मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय सहित कई स्तरों पर की गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा आरोपित पक्ष को बचाने का प्रयास किया गया, जिससे जांच में लगातार विलंब हुआ। उन्होंने दावा किया कि दो-दो बार हुई जांच में छह बिंदुओं पर आरोप सिद्ध पाए गए हैं।सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा भानू द्वारा मीडिया के सामने भ्रामक बयान दिए गए। उन्होंने कहा कि हरा चारा व भूसा आपूर्ति, श्रमिक आपूर्ति, पड़ाव अड्डा वसूली, खजूर के पेड़ों की खरीद और कर निर्धारण जैसे मामलों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। सभासदों के अनुसार जांच रिपोर्ट में कई मामलों में दोष सिद्ध होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।प्रेस वार्ता में सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि महंगी दरों पर चारा आपूर्ति कर नगर पालिका को राजस्व क्षति पहुंचाई गई। वहीं श्रमिक आपूर्ति में भ्रष्टाचार और पड़ाव अड्डों पर अवैध वसूली का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने कहा कि शहर में नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना रिक्शा और ऑटो चालकों से वसूली कराई जा रही है।सभासदों ने खजूर के पेड़ों की खरीद में भी बड़े घोटाले का आरोप लगाया और कहा कि जेम पोर्टल पर पेड़ों की खरीद संभव होने के बावजूद नियमों की अनदेखी की गई। साथ ही कर निर्धारण में भी प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए।सभासदों ने कहा कि शहर में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है और जनता मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। सभासदों ने बताया कि मामले की शिकायत विभिन्न विभागों और अधिकारियों से भी की गई है। मगर समस्या जस की तस है।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर सभासदों का हमला, निष्पक्ष कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी