कानपुर। नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित नमक फैक्ट्री चौराहे पर सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्य के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई। निर्माण कार्य के लिए की जा रही खुदाई के दौरान सीयूजीएल की मुख्य गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पूरे इलाके की गैस सप्लाई अचानक बाधित हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे किसी बड़े हादसे या जनहानि की नौबत नहीं आई।
जानकारी के अनुसार नमक फैक्ट्री चौराहे पर सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क और भूमिगत कार्य चल रहा था। इसी दौरान निर्माण एजेंसी द्वारा जेसीबी मशीन से खुदाई कराई जा रही थी। आरोप है कि खुदाई कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभागों से समन्वय नहीं किया गया और न ही सीयूजीएल अधिकारियों को किसी प्रकार की पूर्व सूचना दी गई। खुदाई के दौरान अचानक सीयूजीएल की मुख्य गैस पाइपलाइन टूट गई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होते ही आसपास के क्षेत्र में गैस सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई। कई घरों और प्रतिष्ठानों में गैस आपूर्ति बंद हो जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि अचानक गैस सप्लाई बंद होने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो गया और लोग असमंजस की स्थिति में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही सीयूजीएल की तकनीकी टीम और कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने सबसे पहले सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कराया और गैस रिसाव की स्थिति को नियंत्रित करने का कार्य शुरू किया। सीयूजीएल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया और तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया।
मौके पर मौजूद सीयूजीएल कर्मचारियों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि कार्यदायी संस्था द्वारा पहले से सूचना दी जाती और समन्वय बनाकर कार्य किया जाता, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। कर्मचारियों का कहना था कि भूमिगत गैस पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की खुदाई से पहले संबंधित विभागों से अनुमति और तकनीकी जानकारी लेना अनिवार्य होता है, लेकिन यहां पूरी तरह लापरवाही बरती गई।
स्थानीय लोगों ने भी निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही पर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में गैस पाइपलाइन टूटना बेहद गंभीर मामला है और थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी। क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की कि भविष्य में इस तरह के कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
राहत की बात यह रही कि पाइपलाइन टूटने के बावजूद किसी प्रकार की आग लगने या विस्फोट जैसी घटना नहीं हुई। समय रहते सीयूजीएल की टीम ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और संभावित खतरे को टाल दिया। अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य तेजी से कराया जा रहा है और जल्द ही क्षेत्र की गैस सप्लाई दोबारा सुचारु रूप से बहाल कर दी जाएगी।
घटना के बाद संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों के दौरान यदि विभागों के बीच बेहतर तालमेल और सुरक्षा मानकों का पालन न किया जाए, तो ऐसे हादसे भविष्य में और गंभीर रूप ले सकते हैं।