कानपुर। गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने दिव्यांगजनों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से निस्तारित किया जाए और किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए।
गौरतलब है कि बीते 14 जून को राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के बैनर तले बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधायक सुरेंद्र मैथानी के कार्यालय का घेराव किया था। आंदोलन के दौरान दिव्यांगों ने रोजगार, पेंशन, आरक्षण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने उसी समय प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया था कि वे संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल करेंगे।
अपने वादे को पूरा करते हुए विधायक सुरेंद्र मैथानी ने सोमवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत की और स्पष्ट निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों की समस्याओं को नजरअंदाज न किया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के अधिकारों और सुविधाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है तथा प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने विधायक के समक्ष दिव्यांगजनों की समस्याओं और अधिकारों को लेकर विस्तार से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए बने ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016’ को पूरी तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें कानून द्वारा प्रदत्त सभी सुविधाएं और अधिकार मिल सकें।
उन्होंने मांग उठाई कि दिव्यांगों के लिए नौकरी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोटी, कपड़ा और मकान की शत-प्रतिशत गारंटी सुनिश्चित करने हेतु ‘सामाजिक समानता कानून’ बनाया जाए। इसके साथ ही वर्तमान दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर पांच हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के आरक्षण कोटे के बैकलॉग को तत्काल भरने की मांग करते हुए कहा कि लंबे समय से रिक्त पड़े आरक्षित पदों पर भर्ती नहीं होने से दिव्यांग युवाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चलन क्रिया से प्रभावित दिव्यांगों को सभी सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर दिए जाएं और उनके लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाया जाए।
वीरेंद्र कुमार ने प्रशासन को चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि दिव्यांगों की जायज और बुनियादी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी बड़े स्तर पर ‘नींद हराम करो आंदोलन’ शुरू करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि दिव्यांगजनों की समस्याओं और मांगों को शासन स्तर तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाएगा और समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
विधायक से मुलाकात करने वाले शिष्टमंडल में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, प्रदेश अध्यक्ष आनंद तिवारी, जिलाध्यक्ष राहुल कुमार, वैभव दीक्षित सहित संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।
दिव्यांगों की समस्याओं पर गंभीर हुए विधायक , अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश