कानपुर। जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की सख्त नीति का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मई-2026 माह के लिए जारी जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा रैंकिंग में कानपुर जोन ने पूरे उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण में कानपुर पुलिस की कार्यप्रणाली को प्रदेश में सबसे बेहतर माना गया है।
आईजीआरएस मूल्यांकन में केवल कानपुर जोन ही नहीं, बल्कि इसके अंतर्गत आने वाले कई जिलों और थानों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कानपुर परिक्षेत्र और झांसी परिक्षेत्र ने अपने प्रभावी पर्यवेक्षण के चलते प्रदेश स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। वहीं जिलों की श्रेणी में कन्नौज, झांसी और जालौन ने शिकायतों के निस्तारण में शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी। जोन के कुल 54 थानों ने मूल्यांकन के सभी मानकों पर खरा उतरते हुए प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्रत्येक माह थाना प्रभारी से लेकर अपर पुलिस महानिदेशक स्तर तक के अधिकारियों के कार्यों की गहन समीक्षा की जाती है। इस बार रैंकिंग तय करने के लिए जांच की निष्पक्षता और गुणवत्ता, शिकायतों के समय सीमा के भीतर निस्तारण की प्रभावशीलता तथा पुलिस कार्रवाई से आवेदकों की संतुष्टि जैसे कड़े मानकों को आधार बनाया गया था।
जहां उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और थानों की सराहना की गई, वहीं अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों और अधिकारियों के प्रति सख्त रुख अपनाया गया है। उच्चाधिकारियों ने ऐसे थानों को अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल गुणात्मक सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापरक निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में कानपुर जोन के शीर्ष स्थान पर पहुंचने को पुलिस प्रशासन की जवाबदेही, निगरानी व्यवस्था और शिकायत निस्तारण प्रणाली में सुधार का बड़ा परिणाम माना जा रहा है।
IGRS रैंकिंग में कानपुर जोन नंबर-1