कानपुर-उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में मचे प्रशासनिक घमासान के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है सीएमओ पर लगे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की जाँच अब बेहद तेज हो गई है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश के बाद, इस पूरे मामले की परतें खोलने के लिए लखनऊ से तीन वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय टीम आज कानपुर पहुँच सकती है इस विशेष जाँच टीम के आगमन की भनक लगते ही कानपुर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है विभाग के कई आलाधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेचैनी का माहौल साफ देखा जा रहा है सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लखनऊ से आ रही यह तीन सदस्यीय आईएएस टीम सीएमओ कार्यालय से जुड़े पिछले कुछ समय के तमाम वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों की बारीकी से जाँच करेगी टीम का मुख्य फोकस निम्नलिखित बिंदुओं पर रहने की उम्मीद है स्वास्थ्य योजनाओं और दवाओं की खरीद में हुए खर्चों का मिलान, कार्यालय स्तर पर किए गए प्रशासनिक फेरबदल और उनमें बरती गई कथित अनियमितताएं, विभिन्न सरकारी कार्यों के लिए जारी किए गए टेंडरों में नियमों की अनदेखी के आरोप, जाँच टीम के कानपुर पहुँचते ही सबसे पहले सरकारी रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर उनकी पड़ताल शुरू की जा सकती है चर्चा है कि टीम कुछ फाइलों को सील भी कर सकती है इस संभावित कार्रवाई को देखते हुए सीएमओ दफ्तर के कई पटल प्रभारियों और बाबुओं के पसीने छूट रहे हैं। दफ्तरों में सुबह से ही फाइलों को दुरुस्त करने और गुपचुप कयासबाजियों का दौर जारी है मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों पर सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है यदि जाँच में वित्तीय हेराफेरी या पद के दुरुपयोग के सबूत मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर निलंबन से लेकर एफआईआर तक की बड़ी गाज गिरना तय माना जा रहा है, फिलहाल, पूरे जिले की नजरें आज लखनऊ से आने वाली इस हाई-प्रोफाइल जाँच टीम के दौर और उसकी अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
CMO कार्यालय में बढ़ी बेचैनी, लखनऊ से आने वाली जांच टीम से अफसरों के छूटे पसीने