6 साल बाद फिर लगेगा “नो ट्रेन डे”, 21 जून को 24 घंटे तक नहीं चलेगी एक भी ट्रेन

इंटरलॉकिंग कार्य के चलते रेलवे का बड़ा फैसला, कोरोना काल के बाद पहली बार पूरी तरह थमेगा ट्रेनों का संचालन, यात्रियों के लिए गोविंदपुरी स्टेशन से होंगी वैकल्पिक व्यवस्थाएं

कानपुर-उत्तर भारत के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शामिल कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर छह साल बाद एक बार फिर ऐसा दिन आने जा रहा है जब पूरे 24 घंटे तक यहां से एक भी ट्रेन का संचालन नहीं होगा। रेलवे प्रशासन ने 21 जून को “नो ट्रेन डे” घोषित करने की तैयारी कर ली है। इस दौरान कानपुर सेंट्रल स्टेशन से न तो कोई ट्रेन रवाना होगी और न ही यहां किसी ट्रेन का नियमित संचालन किया जाएगा। इससे पहले कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान 22 मार्च 2020 से 11 मई 2020 तक सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही थी।
इस बार ट्रेनों का संचालन बंद होने की वजह रेलवे का महत्वपूर्ण इंटरलॉकिंग कार्य है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक 11 जून से 20 जून तक प्री-इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाएगा, जबकि 21 जून को मुख्य इंटरलॉकिंग कार्य पूरा किया जाएगा। इसी कारण पूरे दिन कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही रोकनी पड़ेगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कार्य भविष्य में सुरक्षित और आधुनिक ट्रेन संचालन के लिए बेहद जरूरी है।
डिप्टी सीटीएम आकांशु गोविल ने बताया कि इंटरलॉकिंग कार्य के दौरान कानपुर सेंट्रल से गुजरने वाली ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों से डायवर्ट करके चलाया जाएगा। कई ट्रेनों को गोविंदपुरी, पनकी, कानपुर अनवरगंज और आसपास के अन्य स्टेशनों से संचालित करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से निरस्त किया जा सकता है, जबकि कुछ ट्रेनों का रूट बदला जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डायवर्जन, निरस्तीकरण और वैकल्पिक संचालन की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार नॉन इंटरलॉकिंग कार्य पूरा होने के बाद कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों का संचालन पारंपरिक इलेक्ट्रिक सिस्टम के बजाय आधुनिक कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से किया जाएगा। इससे सिग्नल फेल होने जैसी समस्याओं में भारी कमी आएगी और मानवीय भूल की संभावनाएं भी लगभग समाप्त हो जाएंगी। रेलवे का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रेन संचालन पहले से अधिक सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित हो जाएगा।
21 जून को नो ट्रेन डे के दौरान यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी कानपुर सेंट्रल के बजाय दूसरे स्टेशनों तक पहुंचने में हो सकती है। इसे देखते हुए रेलवे ने गोविंदपुरी स्टेशन पर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। यात्रियों के लिए अतिरिक्त पेयजल, खानपान, टिकटिंग और प्रतीक्षालय की व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। साथ ही सर्विस रोड और पोर्टिको लेन में भीड़ और जाम की स्थिति न बने, इसके लिए आरपीएफ और जीआरपी को विशेष रूप से सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह बुधवार को कानपुर पहुंचेंगे और प्रस्तावित नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की तैयारियों का जायजा लेंगे। वह अधिकारियों के साथ बैठक कर ट्रेनों के डायवर्जन, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी मंथन करेंगे। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि इंटरलॉकिंग कार्य समय पर पूरा हो सके और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि कानपुर सेंट्रल जैसे अत्यधिक व्यस्त स्टेशन पर इतने बड़े स्तर पर कार्य करना बड़ी चुनौती है, लेकिन भविष्य में बेहतर और सुरक्षित रेल संचालन के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे 11 जून से 21 जून के बीच यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

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