लू के थपेड़ों से तपा कानपुर, 24 मई तक हीटवेव का अलर्ट
कानपुर में सोमवार को भीषण गर्मी और प्रचंड लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया। सुबह से ही सूरज के तेवर इतने तीखे रहे कि नौ बजे के बाद ही लू चलने लगी और सुबह 10 बजे तक तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। दोपहर होते-होते पूरा शहर मानो आग की भट्टी में तब्दील हो गया। तेज धूप और झुलसा देने वाली हवाओं के कारण सड़कें सूनी नजर आईं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले।
सुबह साढ़े आठ बजे ही वातावरण में नमी घटकर 32 प्रतिशत रह गई, जबकि एक दिन पहले इसी समय आर्द्रता 59 प्रतिशत दर्ज की गई थी। नमी में आई इस भारी गिरावट ने गर्मी की तपिश को और ज्यादा खतरनाक बना दिया। सूरज की तेज किरणों और जमीन से उठती गर्म हवाओं ने लोगों को बुरी तरह बेहाल कर दिया।
दोपहर के समय शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर आम दिनों जैसी भीड़ दिखाई नहीं दी। गर्म हवाओं के थपेड़ों से बचने के लिए बाइक सवार चेहरे को कपड़ों से ढंककर चलते नजर आए, जबकि बस स्टॉप और फुटपाथों पर लोग छांव की तलाश करते दिखे। कई इलाकों में गन्ने के रस, शिकंजी और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ उमड़ती रही।
भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखने लगा है। अस्पतालों और क्लीनिकों में उल्टी, चक्कर, डिहाइड्रेशन और हीट एग्जाशन जैसी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सकों ने लोगों को धूप से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान करीब 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। विभाग ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। साथ ही 24 मई तक तेज सतही हवाएं चलने और प्रचंड लू बने रहने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। डॉक्टरों ने पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढकने की सलाह दी है।