प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार धांधली को सरकार की नैतिक विफलता बताते हुए पूर्व सांसद ने समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग उठाई।
कानपुर में पूर्व राज्यसभा सांसद प्रमोद कुरील ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं 90 से अधिक हो चुकी हैं, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
प्रमोद कुरील ने कहा कि यह सिर्फ पेपर लीक नहीं बल्कि लाखों छात्र-छात्राओं और उनके परिवारों के भविष्य तथा विश्वास के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े घोटाले सुनियोजित तरीके से संचालित किए जाते हैं और बड़े लोगों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बना दिया जाता है। पूर्व सांसद ने कहा कि यदि दोषियों पर पहले ही कठोर कार्रवाई होती तो ऐसी घटनाओं पर रोक लग चुकी होती। उन्होंने मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी कई राज्यों में इसी तरह की व्यवस्थाएं चल रही हैं।
कुरील ने मांग की कि नीट मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में गठित उच्चस्तरीय समिति से समयबद्ध तरीके से कराई जाए। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील भी की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार निष्पक्ष जांच नहीं कराती है तो यह माना जाएगा कि सरकार स्वयं इन घोटालों में शामिल है।