कानपुर। स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अवादा ग्रुप द्वारा निकाली जा रही ‘अवादा भारत उदय यात्रा’ गुरुवार को कानपुर पहुंची। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से लोगों को टिकाऊ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यात्रा के कानपुर पहुंचने पर स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और विभिन्न संस्थानों ने उत्साह के साथ भागीदारी की।
अवादा ग्रुप देश में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रहा है। कंपनी के पास 17.7 गीगावाट से अधिक का रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो है, जो उसकी मजबूत कार्य क्षमता को दर्शाता है। 8 मई 2026 को नोएडा स्थित कार्यालय से शुरू हुई यह यात्रा अब तक लगभग 450 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी है। यात्रा का उद्देश्य लोगों के बीच स्वच्छ ऊर्जा के महत्व को सरल तरीके से पहुंचाना और उन्हें प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग के लिए प्रेरित करना है।
कानपुर में यात्रा के दौरान कई जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करने के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए गए। लोगों को डिजिटल ग्रीन प्लेज दिलाकर पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर अवादा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने कहा कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ‘अवादा भारत उदय यात्रा’ केवल एक अभियान नहीं बल्कि स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य के लिए जन-आंदोलन का रूप ले रही है।
उन्होंने कहा कि आज समय की मांग है कि लोग पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करें और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाएं। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित भविष्य भी मिलेगा।
यात्रा के दौरान लोगों ने जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा की। बड़ी संख्या में युवाओं और विद्यार्थियों ने इस अभियान में रुचि दिखाई। लोगों ने यह भी जाना कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव कर वे पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
अवादा भारत उदय यात्रा के लिए विशेष रूप से तैयार की गई दो वैन 35 दिनों में देश के 9 राज्यों और 27 शहरों का दौरा करेंगी। इन वैनों के माध्यम से लोगों तक स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल जीवनशैली का संदेश पहुंचाया जाएगा।
अवादा ग्रुप की सोलर पीवी निर्माण इकाई ‘अवादा इलेक्ट्रो’ की कुल मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 8.5 गीगावाट है। दादरी स्थित इसकी गीगा फैक्ट्री अत्याधुनिक एन-टाइप टॉपकॉन सोलर मॉड्यूल तैयार करती है।
ग्रुप की सीएसआर शाखा ‘अवादा फाउंडेशन’ भी शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों के पुनर्निर्माण, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य सेवाओं और सामुदायिक विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा मियावाकी तकनीक के जरिए हजारों पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
अवादा भारत उदय यात्रा पहुंची कानपुर