प्लास्टिक की क्रेटों ने बढ़ाई तबाही, लाखों का माल स्वाहा; व्यापारियों में दहशत और आक्रोश
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र स्थित उत्तर प्रदेश की प्रमुख फल एवं सब्जी मंडियों में शामिल चकरपुर मंडी गुरुवार को भीषण आग की चपेट में आ गई। मंडी के चबूतरा नंबर 6 पर अचानक लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 30 से अधिक दुकानों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि मंडी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और व्यापारी अपनी दुकानों से जान बचाकर भागते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की शुरुआत एक दुकान में रखे छोटे गैस सिलेंडर के ब्लास्ट से हुई। धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। सिलेंडर फटने के कुछ ही मिनटों में आग ने आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। मंडी में बड़ी संख्या में रखी प्लास्टिक की क्रेटों और पैकिंग सामग्री ने आग को और अधिक भड़काने का काम किया। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देने लगा।
घटना के समय मंडी में व्यापारियों के साथ बड़ी संख्या में खरीदार और मजदूर भी मौजूद थे। अचानक आग फैलने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए। कई व्यापारियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि किसी को भी अपना सामान सुरक्षित निकालने का मौका नहीं मिल सका। दुकानों में रखा फल, सब्जियां, प्लास्टिक क्रेटें, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकदी और अन्य सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
सूचना मिलते ही सचेंडी थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल मंडी क्षेत्र की घेराबंदी कर भीड़ को नियंत्रित करना शुरू किया ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। वहीं सूचना के बाद फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने के लिए घंटों तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
मंडी के कई व्यापारियों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंडी में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। व्यापारियों का कहना था कि यदि समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के इलाकों में भी लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को लोगों को हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मंडी प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने व्यापारियों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। देर शाम तक दमकल विभाग द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी रखा गया। कई दुकानों में आग पूरी तरह बुझाने के लिए लगातार पानी डाला जाता रहा ताकि दोबारा आग न भड़क सके।
थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है। आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन कराया जाएगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद मंडी के व्यापारियों में भारी नाराजगी और दहशत का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गई। कई व्यापारियों की रोजी-रोटी पूरी तरह प्रभावित हो गई है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मंडी में स्थायी अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।