कानपुर-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बचत को लेकर किए गए आह्वान का असर अब सरकारी तंत्र में भी दिखाई देने लगा है। कानपुर नगर निगम में इस दिशा में एक बड़ा और प्रतीकात्मक कदम उठाते हुए महापौर ने अपने सरकारी एस्कॉर्ट वाहन को छोड़ने का फैसला लिया है। महापौर के इस निर्णय को प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आम जनता से लेकर सरकारी अधिकारियों तक सभी को ईंधन बचत के लिए प्रेरित करने की कोशिश की जा रही है।
महापौर ने नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नगर निगम के बेड़े में शामिल सभी सरकारी और आउटसोर्स वाहनों का परीक्षण कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल अत्यंत आवश्यक कार्यों के लिए ही वाहनों का उपयोग हो। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से चल रहे वाहनों पर नियंत्रण कर काफी मात्रा में पेट्रोल और डीजल की बचत की जा सकती है। इसके साथ ही ईंधन खर्च में कमी आने से नगर निगम के बजट पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ भी कम होगा।
महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी नई कार्यशैली अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में मेट्रो, बस, ई-रिक्शा या टेम्पो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाएं उपलब्ध हैं, वहां कर्मचारी अपने निजी या सरकारी वाहनों की जगह इन्हीं साधनों का उपयोग करें। उनका कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने से न सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि शहर में ट्रैफिक और प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
महापौर ने आम नागरिकों से भी देशहित में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि छोटी दूरी तय करने के लिए पैदल चलने और साइकिल के उपयोग की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हर नागरिक थोड़ा-थोड़ा प्रयास करे तो देश करोड़ों लीटर ईंधन बचा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि पर्यावरण सुरक्षा से जुड़ा राष्ट्रीय दायित्व भी बन चुका है।
नगर निगम के भीतर शुरू किए गए इस “फ्यूल सेविंग अभियान” को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि यदि इस तरह की पहल अन्य विभागों में भी लागू की जाए तो सरकारी खर्च में बड़ी कमी लाई जा सकती है। वहीं पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन और कम ईंधन उपयोग की दिशा में ऐसे कदम शहर के प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
पेट्रोल-डीजल बचत को लेकर कानपुर में बड़ा प्रशासनिक संदेश, महापौर ने छोड़ा सरकारी एस्कॉर्ट वाहन