चार घंटे तक चली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, कई निर्माण जमींदोज; अन्य अवैध प्लाटिंग साइटों को भी नोटिस जारी
कानपुर में अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 66 बीघा क्षेत्र में बसाई जा रही अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चला दिया। केडीए की प्रवर्तन जोन-3 टीम ने भारी पुलिस बल और चार जेसीबी मशीनों के साथ फत्तेपुर क्षेत्र में यह अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई गई सड़कें, बाउंड्रीवाल, पिलर, प्रवेश द्वार और निर्माणाधीन ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया।
यह कार्रवाई केडीए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देश पर की गई। अभियान का नेतृत्व विशेष कार्याधिकारी एवं उपजिलाधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि फत्तेपुर क्षेत्र में मनोज सिंह भदौरिया और अन्य लोगों द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृत कराए आराजी संख्या-454, 456 समेत कई भूखंडों पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। कॉलोनी में सड़क, नाला, सीवर लाइन और बिजली के खंभे तक लगा दिए गए थे, जिससे लोगों को प्लॉट बेचने की तैयारी चल रही थी।
केडीए की टीम ने करीब तीन घंटे 45 मिनट तक लगातार कार्रवाई की। चार जेसीबी मशीनों की मदद से पूरे इलाके में बने अवैध निर्माणों को जमींदोज किया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जबकि बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार का विरोध या विवाद न हो सके।
डॉ. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि प्रवर्तन जोन-3 के अंतर्गत छह अन्य अवैध प्लाटिंग साइटों को भी चिन्हित किया गया है, जिनका कुल क्षेत्रफल करीब 16 बीघा है। इनमें बिनगवां, रमईपुर, बिधनू और सेन पश्चिम पारा क्षेत्र शामिल हैं। इन स्थानों पर भी बिना स्वीकृत ले-आउट के प्लाटिंग और निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। संबंधित निर्माणकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। यदि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो इन साइटों पर भी सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
चिन्हित अवैध साइटों में बिनगवां में महेश यादव की 2000 वर्गमीटर भूमि और डॉ. प्रभाकर की लगभग 3 बीघा जमीन, रमईपुर में धर्मेंद्र और महेंद्र की 3 बीघा प्लाटिंग, बिधनू में सूरज एंड सन्स बिल्डकॉन की लगभग 36 हजार वर्गमीटर भूमि तथा सेन पश्चिम पारा में चौधरी मनी यादव और श्री श्याम सोसाइटी की अवैध प्लाटिंग शामिल है।
कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता हिमांशु बर्नवाल, अमरनाथ यादव समेत केडीए का प्रवर्तन स्टाफ और भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
केडीए अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्लॉट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी ले-आउट स्वीकृति और वैधता की जांच अवश्य कर लें। अधिकारियों ने साफ कहा कि बिना स्वीकृति के प्लाटिंग और निर्माण करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा।