कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार सुबह उर्सला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया। सुबह करीब 9:30 बजे एडीएम सिटी डॉ राजेश कुमार के साथ पहुंचे डीएम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में सक्रिय दो संदिग्ध दलालों को पकड़ लिया गया, जो मरीजों को गुमराह कर बाहरी जांच और इलाज के लिए बहला रहे थे। डीएम ने सीएमएस उर्सला को ऐसे संदिग्ध लोगों पर कड़ी निगरानी रखने और अस्पताल परिसर में दलालों की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। जांच में 22 डॉक्टर समेत कुल 32 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले, जिस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी अस्पतालों में लापरवाही और मनमानी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने अस्पताल प्रशासन को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि मरीजों को किसी भी दशा में बाहरी दवाएं न लिखी जाएं। अस्पताल में उपलब्ध दवाओं से ही उपचार सुनिश्चित किया जाए ताकि गरीब मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। निरीक्षण के दौरान अस्पताल स्टाफ में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
उर्सला अस्पताल में डीएम का औचक निरीक्षण, 22 डॉक्टर समेत 32 स्वास्थ्यकर्मी गायब