सेंट्रल ज़ोन सर्विलांस टीम ने ₹22 लाख कीमत के मोबाइल किए रिकवर, आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी की मदद से चला अभियान
कानपुर नगर कमिश्नरेट पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए 101 परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। सेंट्रल ज़ोन की सर्विलांस टीम ने खोए और गुम हुए 101 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। बरामद किए गए मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹22 लाख बताई जा रही है। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों ने कानपुर पुलिस की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
यह विशेष अभियान पुलिस आयुक्त के निर्देशन तथा अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था/अपराध) के मार्गदर्शन में चलाया गया। अभियान का संचालन सेंट्रल ज़ोन के पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार श्रीवास्तव और अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. अर्चना सिंह की निगरानी में किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आम जनता के खोए हुए मोबाइल फोन को वापस दिलाने के लिए लगातार तकनीकी स्तर पर काम किया जा रहा था।
मोबाइल रिकवरी अभियान में अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग किया गया। सर्विलांस टीम ने सबसे पहले खोए हुए मोबाइल फोनों की लोकेशन ट्रैकिंग की। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी गहन विश्लेषण किया। कई मोबाइल दूसरे जिलों और राज्यों तक पहुंच चुके थे, लेकिन टीम ने लगातार मॉनिटरिंग कर उन्हें ट्रेस कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य केवल लोगों का आर्थिक नुकसान कम करना नहीं था, बल्कि उनके निजी डेटा और व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखना भी था। आज के समय में मोबाइल फोन केवल बातचीत का माध्यम नहीं बल्कि लोगों के बैंकिंग, सोशल मीडिया, निजी दस्तावेजों और महत्वपूर्ण जानकारियों का बड़ा माध्यम बन चुका है। ऐसे में मोबाइल खोने पर लोगों को आर्थिक के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
मोबाइल बरामदगी में सर्विलांस टीम प्रभारी उपनिरीक्षक लोकेन्द्र सिंह, कांस्टेबल आलोक कुमार और कांस्टेबल नवीन कुमार की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। टीम ने कई दिनों तक लगातार तकनीकी निगरानी और फील्ड वर्क कर इन मोबाइलों को बरामद किया। पुलिस अधिकारियों ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए इसे जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत करने वाला कदम बताया।
मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों की खुशी देखने लायक थी। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि उनका मोबाइल कभी वापस मिल पाएगा। कई नागरिकों ने कहा कि फोन में उनकी जरूरी तस्वीरें, दस्तावेज और निजी जानकारियां थीं, जिनके खोने का उन्हें काफी दुख था। लेकिन कानपुर पुलिस की तत्परता और मेहनत के चलते उन्हें उनका मोबाइल वापस मिल गया। कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई को शहर में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत पुलिस और संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी मदद से मोबाइल को ट्रेस किया जा सके।