कानपुर नगर। मई का महीना शुरू होते ही जिस भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों का अंदेशा जताया जा रहा था, इस बार मौसम ने बिल्कुल अलग रंग दिखाया है। पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय रहने से कानपुर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम सामान्य से काफी नरम बना हुआ है। कभी बादल, कभी फुहारें और बीच-बीच में निकल रही तेज धूप लोगों को मई में भी फरवरी-मार्च जैसा एहसास करा रही है। हालांकि शुक्रवार को सुबह के सुहावने मौसम के बाद दोपहर में तेज धूप निकलने से गर्मी ने अपने तेवर भी दिखाए।
शुक्रवार सुबह शहर में आसमान पर बादलों की हल्की परत छाई रही। कई इलाकों में हल्की फुहारें भी पड़ीं, जिससे मौसम खुशनुमा बना रहा। सुबह के समय लोगों को ठंडी हवाओं का एहसास हुआ और तापमान सामान्य से नीचे बना रहा। लेकिन सुबह 11 बजे के बाद अचानक तेज धूप निकल आई और दोपहर तक गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया। बाजारों और सड़कों पर निकले लोगों को धूप की तपिश महसूस हुई, हालांकि तापमान अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आ रही है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव भी बना हुआ है। इसी वजह से उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम बार-बार बदल रहा है। कानपुर में भी इसका असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मई में सामान्यतः तापमान तेजी से बढ़ता है और लू चलने लगती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग बना हुआ है।
शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग तीन डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि आसमान में लगातार बादल बने रहने से रात के तापमान में वृद्धि हो रही है, लेकिन दिन का तापमान अभी नियंत्रित बना हुआ है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तरी पाकिस्तान के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर-पश्चिम भारत में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र और विभिन्न स्थानों पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। यही कारण है कि बीच-बीच में बादल छा रहे हैं और हल्की बारिश या फुहारें पड़ रही हैं।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि मई के अधिकांश दिनों में मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। आने वाले दिनों में भी हल्के और मध्यम बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। फिलहाल हीट वेव जैसी स्थिति बनने के आसार नहीं हैं, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। जहां पिछले वर्षों में मई के शुरुआती दिनों में ही दोपहर के समय सड़कें सूनी हो जाती थीं, वहीं इस बार लोग राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि धूप तेज होने पर सावधानी बरतें और दोपहर में अधिक देर तक खुले में रहने से बचें।
मई में मौसम मेहरबान