एडीजी आलोक सिंह के नेतृत्व में 121 थानों और सभी जनपदों ने हासिल की नंबर-1 रैंक, जनसुनवाई के त्वरित निस्तारण से बना मिसाल
कानपुर। उत्तर प्रदेश शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल जनसुनवाई एवं शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के क्षेत्र में कानपुर जोन ने नया इतिहास रच दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संचालित आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) की माह अप्रैल-2026 की नवीन रैंकिंग में कानपुर जोन ने पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेशभर में अपनी कार्यशैली का लोहा मनवाया है। यह उपलब्धि पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन आलोक सिंह के कुशल नेतृत्व, सख्त मॉनिटरिंग और जवाबदेह कार्यप्रणाली का परिणाम मानी जा रही है।
शासन द्वारा जारी मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार कानपुर जोन ने शिकायतों के समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यही कारण रहा कि जोन के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश स्तर पर प्रथम रैंक हासिल की। इनमें कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, फतेहगढ़, झांसी, जालौन और ललितपुर जैसे जनपद शामिल हैं। इसके साथ ही कानपुर एवं झांसी परिक्षेत्र ने भी बेहतरीन कार्यप्रणाली के दम पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
सबसे खास बात यह रही कि कानपुर जोन के कुल 121 थानों ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि दर्शाती है कि अब थानों में शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर दर्ज नहीं किया जा रहा, बल्कि हर प्रार्थना पत्र पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित कर उनकी संतुष्टि को प्राथमिकता दी जा रही है और जांच की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्रत्येक माह आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की गहन समीक्षा की जाती है। इसमें केवल शिकायत के निस्तारण को ही नहीं, बल्कि जांच की गुणवत्ता, आवेदक की संतुष्टि और समयसीमा के पालन को भी प्रमुख आधार बनाया जाता है। ऐसे में कानपुर जोन का प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त करना पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता और जिम्मेदार रवैये को दर्शाता है।
पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह द्वारा लगातार अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि जनसुनवाई से संबंधित मामलों को लंबित न रखा जाए और हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं, लंबित मामलों की निगरानी की गई तथा खराब प्रदर्शन वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर संबंधित अधिकारियों को कार्यशैली में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
सूत्रों के अनुसार पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट कर दिया है कि जनसुनवाई से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यही कारण है कि थानों में शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सक्रिय और जवाबदेह हुई है। पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि शिकायतकर्ता को केवल कागजी जवाब देकर मामला बंद करने के बजाय वास्तविक समाधान उपलब्ध कराया जाए।
जनता से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था ही आधुनिक पुलिसिंग की पहचान मानी जा रही है। कानपुर जोन की यह उपलब्धि न केवल शासन की मंशा को मजबूती देती है, बल्कि आम जनता के पुलिस पर बढ़ते विश्वास को भी दर्शाती है। आईजीआरएस रैंकिंग में लगातार बेहतर प्रदर्शन से यह स्पष्ट हो गया है कि कानपुर जोन की पुलिस अब तकनीकी निगरानी, जवाबदेही और संवेदनशील कार्यप्रणाली के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
IGRS रैंकिंग में कानपुर जोन प्रदेश में प्रथम