कानपुर। करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े और फर्जी फर्मों के नेटवर्क का संचालन करने वाले इनामी अभियुक्त महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके दस्तावेजों का दुरुपयोग करने, फर्जी जीएसटी फर्में बनवाने और संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन कराने के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस के मुताबिक फरवरी माह में हुई लूट की घटना में पीड़ित पक्ष ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं कराई थी, लेकिन पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की। सर्विलांस और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। उनके कब्जे से करीब 11 लाख रुपये भी बरामद किए गए थे। पूछताछ में महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी पूरे गिरोह का सरगना निकला।
जांच में सामने आया कि गिरोह लोगों के बैंक खाते खुलवाकर, लोन और बीमा दिलाने का झांसा देकर खातों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन में करता था। आरोपी फर्जी जीएसटी फर्में पंजीकृत कराकर करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन कर रहे थे। पुलिस जांच में 68 बैंक खातों में करीब 3000 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क के तार पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक जुड़े हुए हैं। मामले में जीएसटी और आयकर विभाग से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि आर्थिक अपराध से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच हो सके।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि एपीएमसी प्रमाणपत्रों के जरिए भारी मात्रा में अवैध धन का लेनदेन किया गया। जांच एजेंसियों को स्लॉटर और स्क्रैप कारोबार से भी इस नेटवर्क के संबंध मिले हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
3000 करोड़ के फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड पप्पू छुरी गिरफ्तार