कानपुर—क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रसाद महानकर के कानपुर प्रवास के दौरान क्रीड़ा भारती कानपुर प्रांत द्वारा एक भव्य, गरिमामय और प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत खेल गीत की ऊर्जावान प्रस्तुति के साथ हुई, जिसने पूरे सभागार में जोश और उत्साह का संचार कर दिया। उपस्थित खिलाड़ियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में शुरुआत से ही राष्ट्रभावना और खेल के प्रति समर्पण स्पष्ट दिखाई दिया।
अपने उद्बोधन में प्रसाद महानकर ने क्रीड़ा भारती के उद्देश्य और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कानपुर प्रांत के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय पारंपरिक खेलों के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि कबड्डी जैसे स्वदेशी खेल हमारी सांस्कृतिक पहचान के अभिन्न अंग हैं, जिन्हें बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, खेल केवल प्रतियोगिता या मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक एकता का सशक्त साधन भी हैं।
कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का विशेष रूप से सम्मान किया गया। भारतीय पैरा डार्ट्स टीम ने मलेशिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत को गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए खिलाड़ियों की सराहना की गई और उन्हें सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इसी क्रम में राहुल गुप्ता, रोहित गुप्ता एवं महेंद्र प्रताप सिंह को मंच पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। उनके प्रदर्शन और समर्पण को उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा। कार्यक्रम में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ संगठन के विस्तार और सामाजिक भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय संयोजक डॉ. रजत आदित्य दीक्षित, क्रीड़ा भारती कानपुर के अध्यक्ष राजुल खन्ना, वीरेंद्र भाई, मंत्री श्याम मिश्रा, प्रांत प्रचार प्रमुख वैभव गौड़, मातृ-शक्ति प्रमुख डॉ. सुलोचना, दिव्यांग प्रमुख महेंद्र कुमार, रोहित, राहुल, सतीश कुमार, विक्रांत अग्निहोत्री सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र त्रिपाठी ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि आभार ज्ञापन मंत्री श्याम मिश्रा द्वारा व्यक्त किया गया। समापन के साथ यह आयोजन खेल, संगठन और राष्ट्रभक्ति के समन्वय का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।