व्हाट्सएप चैट वायरल, आवास आवंटन में धांधली के आरोप; जांच की मांग तेज
कानपुर के गोविंद नगर स्थित केस्को (दक्षिणांचल विद्युत) की विद्युत कॉलोनी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला आवास आवंटन में कथित धांधली और पैसों के लेन-देन से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक व्हाट्सएप चैट ने पूरे प्रकरण को सुर्खियों में ला दिया है, जिसमें कथित तौर पर कमरे के आवंटन के नाम पर ₹20,000 की मांग का जिक्र किया गया है। वायरल चैट के सामने आने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी कॉलोनियों में आवास आवंटन के लिए तय नियमों का पालन किया जाना अनिवार्य होता है, ताकि पात्र कर्मचारियों को निष्पक्ष तरीके से आवास मिल सके। लेकिन सामने आए आरोप इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह पैदा कर रहे हैं। स्थानीय कर्मचारियों और सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल एक चैट तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि लंबे समय से चल रही कथित अनियमितताओं का हिस्सा हो सकता है। आरोप हैं कि आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का फायदा उठाकर कुछ लोग निजी लाभ कमा रहे हैं, जिससे वास्तविक हकदार वंचित रह जाते हैं।
यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि भ्रष्टाचार का गंभीर मामला भी माना जाएगा। मामले के सामने आने के बाद कर्मचारियों और आम लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
वहीं, संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की जा रही है कि वायरल चैट की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही आवास आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की भी मांग उठ रही है।
फिलहाल, पूरे मामले में विभागीय प्रतिक्रिया का इंतजार है और लोगों की नजरें इस पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है।