कानपुर- जिला कारागार कानपुर नगर में बंद दो ऐसे कैदी, जो अपनी सजा पूरी करने के बावजूद केवल जुर्माना न भर पाने के कारण जेल में बंद थे, उन्हें आखिरकार रिहाई मिल गई। यह संभव हो सका सामाजिक पहल और कानूनी सहयोग के संयुक्त प्रयास से, जिसने एक बार फिर मानवता का उदाहरण पेश किया।
स्वयंसेवी संस्था अपराध मुक्त सामाजिक चिकित्सा समिति और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आगे आकर इन बंदियों का जुर्माना जमा कराया, जिसके बाद उन्हें विधिवत रिहा कर दिया गया।
जेल अधीक्षक आर.के. पाण्डेय ने बताया कि रिहा हुए बंदियों में उन्नाव जनपद के अकबर अली और कानपुर नगर के रायपुरवा निवासी राजेश उर्फ राजू बिजली वाला शामिल हैं। अकबर अली को एक वर्ष की सजा के साथ ₹1,000 का जुर्माना और राजेश को चार वर्ष की सजा के साथ ₹5,000 का जुर्माना सुनाया गया था। दोनों अपनी सजा पूरी कर चुके थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण अर्थदंड नहीं चुका पाने से जेल में ही रहना पड़ रहा था।
संस्था ने दोनों बंदियों की स्थिति को देखते हुए कुल ₹6,000 की धनराशि जमा कराई। संस्था के चेयरमैन आशुतोष बाजपेई ने कहा कि ऐसे लोग जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं और केवल आर्थिक अभाव के कारण जेल में हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाना जरूरी है।
रिहाई के दौरान जेल परिसर में गरिमामय माहौल रहा। इस मौके पर चिकित्सा सचिव अंकुश अग्रवाल, उपाध्यक्ष प्रवीन पासवान और विजय सेठ मौजूद रहे। वहीं कारागार प्रशासन की ओर से जेलर मनीश कुमार और डिप्टी जेलर प्रदीप कुमार सिंह ने रिहाई की प्रक्रिया को विधिक रूप से पूरा कराया।
रिहाई के बाद दोनों बंदियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने समाज और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें एक नई शुरुआत का मौका मिला है।
जुर्माना भरकर मिली रिहाई