कानपुर नगर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को नरवल तहसील अंतर्गत बौसर स्थित गेहूं क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान ग्राम बसौर निवासी किसान रामकिशोर के गेहूं की खरीद प्रक्रिया चल रही थी, जिसे डीएम ने बारीकी से देखा और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।डीएम ने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर तौल, भुगतान और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। तौल प्रक्रिया की निगरानी करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्रय स्थल की जर्जर सीढ़ियों को लेकर नाराजगी जताते हुए उन्होंने उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए।उन्होंने बताया कि जनपद के सभी 63 गेहूं क्रय केंद्रों पर इस वर्ष फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य की गई है। हालांकि जिन किसानों का पंजीकरण नहीं हुआ है, उन्हें वापस नहीं किया जाएगा, बल्कि केंद्र पर ही तैनात कर्मचारी तत्काल उनकी रजिस्ट्री कर खरीद सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए प्रत्येक केंद्र पर एक-एक कार्मिक की ड्यूटी निर्धारित की गई है।जिलाधिकारी ने कहा कि क्रय केंद्र पर आने वाले हर किसान के गेहूं की खरीद सुनिश्चित की जाएगी और छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है।निरीक्षण के दौरान डीएम ने सभी क्रय केंद्रों पर छाया, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बौसर गेहूं क्रय केंद्र पर डीएम का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं परखी