कानपुर:
अवैध धर्मांतरण और समाज में बढ़ती असुरक्षा की घटनाओं के विरोध में विश्व हिंदू परिषद की युवा इकाई बजरंग दल के नेतृत्व में कानपुर प्रांत के सभी 21 जिलों में व्यापक आक्रोश प्रदर्शन किए गए। इन प्रदर्शनों के माध्यम से संगठन ने केंद्र और राज्य सरकारों को कठोर कदम उठाने का संदेश दिया।
विश्व हिंदू परिषद कानपुर प्रांत के प्रांत मंत्री राजू पोरवाल ने कहा कि हाल के घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि अवैध धर्मांतरण अब एक संगठित और सुनियोजित षड्यंत्र का रूप ले चुका है, जो समाज की एकता, सांस्कृतिक अस्मिता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को प्रलोभन, दबाव और छल के माध्यम से प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिन्हें रोकना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इन प्रांतव्यापी प्रदर्शनों के जरिए समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस मुद्दे पर चुप नहीं रहा जाएगा। समाज अपनी अस्मिता और सुरक्षा के लिए एकजुट होकर खड़ा है और किसी भी प्रकार के अवैध धर्मांतरण को स्वीकार नहीं करेगा।
प्रदर्शनों के बाद विभिन्न जिलों में प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन में अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रव्यापी कठोर कानून बनाने, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने तथा ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
कानपुर महानगर में बजरंग दल विभाग संयोजक नरेश तोमर के नेतृत्व में बड़ा चौराहा पर मुख्य प्रदर्शन आयोजित किया गया, जहां भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और नागरिकों की मौजूदगी रही। प्रदर्शन के दौरान जनसैलाब उमड़ पड़ा और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
इस मौके पर बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा, पश्चिम जिला संयोजक रौनक राय, उत्तर के मोहित, दक्षिण के विशेष सोनकर और पूर्व के आकाश यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अर्चना तिवारी, आशीष गुप्ता, अनुराग दुबे, कालीचरण, नितिन जगरानी, शुभम, प्रशांत शुक्ला, शिवम सोनकर, मुकेश, अनूप और विवेक द्विवेदी सहित अनेक लोगों ने प्रदर्शन में भाग लिया।
पूरे प्रांत में जिला मुख्यालयों पर भी इसी तरह के प्रदर्शन कर प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजे गए। संगठन ने सरकार से इस मुद्दे पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए देश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक समरसता बनाए रखने पर जोर दिया।
धर्मांतरण के विरोध में प्रांतभर में प्रदर्शन