कानपुर। जिले के नरवल थाना क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब वाहन चेकिंग के दौरान मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। दबंगों ने न सिर्फ पुलिस टीम पर हमला कर दिया, बल्कि उन्हें दौड़ाकर पीटा और पुलिस चौकी तक घेरकर आग लगाने की धमकी दे डाली। इस सनसनीखेज घटना में पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए चौकी में बंद होना पड़ा।
घटना 10 अप्रैल की रात करीब 11 बजे की है, जब नरवल थाने के उपनिरीक्षक अनुज तिवारी अपनी टीम—हेड कांस्टेबल घनश्याम, कांस्टेबल बबलू और विशाल कुमार—के साथ पाली चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम पाली भोगीपुर निवासी मनोज पासवान अपनी ब्रीजा कार को बीच सड़क पर खड़ा कर सामान उतारने लगा और पीछे खड़े ट्रैक्टर में लोडिंग करने लगा।
चेकिंग में बाधा उत्पन्न होने पर जब दरोगा ने वाहन हटाने को कहा, तो मनोज पासवान भड़क उठा। देखते ही देखते उसने और उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने की धमकी तक दे डाली।
शोर-शराबा सुनकर मौके पर भीड़ जमा हो गई, जिसका फायदा उठाकर मनोज पासवान और उसके करीब 12-15 साथियों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों को जान बचाकर मौके से भागना पड़ा। आरोप है कि दबंगों ने पुलिसकर्मियों को दौड़ाकर पीटा और सरकारी कार्य में बाधा डाली।
पुलिसकर्मी जैसे-तैसे जान बचाकर पाली चौकी की ओर भागे, लेकिन वहां भी आरोपियों ने पीछा नहीं छोड़ा। मनोज पासवान ने ट्रैक्टर सड़क पर खड़ा कर रास्ता रोक दिया और अपने अन्य साथियों को बुला लिया। इसके बाद चौकी तक पहुंचकर आरोपियों ने घेराव कर लिया और चौकी को फूंकने की धमकी देने लगे।
स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पुलिसकर्मियों को चौकी का दरवाजा अंदर से बंद कर खुद को सुरक्षित करना पड़ा। आरोपियों ने चौकी के गेट पर ट्रैक्टर खड़ा कर दिया, जिससे कोई बाहर न निकल सके। देर रात तक यह हंगामा जारी रहा। आरोपियों के मौके से जाने के बाद ही पुलिसकर्मी बाहर निकल सके।
इस मामले में दरोगा अनुज तिवारी की तहरीर पर मुख्य आरोपी मनोज पासवान समेत एक नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मनोज पासवान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
नरवल इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी और हमला करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है कि क्या अब कानून का डर खत्म हो रहा है, या फिर दबंगों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे पुलिस पर ही हमला करने से नहीं हिचक रहे?