कानपुर। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में पुलिस की तत्परता, तकनीकी दक्षता और संवेदनशीलता का एक बेहतरीन उदाहरण सामने आया है। रावतपुर थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर लापता हुए 7 वर्षीय मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। इस पूरी कार्रवाई में 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना, मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना और लगातार सर्च ऑपरेशन चलाना शामिल रहा।
मिली जानकारी के अनुसार, रावतपुर थाना क्षेत्र के तिवारी आटा चक्की वाली गली निवासी एक 7 वर्षीय मासूम (काल्पनिक नाम) अचानक घर के बाहर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। बच्चे के अचानक गायब होने से परिजनों में हड़कंप मच गया। आसपास के इलाकों में घंटों तलाश करने के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो घबराए परिजन रावतपुर थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
घटना की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने तत्काल गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया और बिना समय गंवाए जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी कमलेश राय के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने बच्चे की तलाश के लिए हर संभव प्रयास शुरू कर दिए।
पुलिस टीम ने सबसे पहले इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। करीब 200 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग को बारीकी से जांचा गया। फुटेज के विश्लेषण और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे। इसके बाद टीम ने संभावित स्थानों पर छापेमारी तेज कर दी।
जांच के दौरान जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ती गईं, पुलिस का शक पनकी थाना क्षेत्र की ओर गया। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने पनकी इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मासूम को सकुशल बरामद कर लिया गया।
जब बच्चे को थाने लाया गया और परिजनों के सामने पेश किया गया, तो माहौल भावुक हो उठा। मां-बाप की आंखों में खुशी के आंसू थे, तो वहीं आसपास मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया।
इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी कमलेश राय के साथ उपनिरीक्षक सत्यम चौहान, उपनिरीक्षक शरद कुमार यादव और उपनिरीक्षक रोहित कुमार पाल की अहम भूमिका रही। पूरी टीम की सक्रियता और समर्पण की उच्चाधिकारियों ने भी प्रशंसा की है।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने रावतपुर पुलिस की कार्यशैली, तेजी और संवेदनशीलता की जमकर तारीफ की। इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति और तकनीक का सही तालमेल हो, तो मुश्किल से मुश्किल मामलों को भी सुलझाया जा सकता है।
पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और इस सफलता ने आम जनता के बीच पुलिस के प्रति भरोसा और भी मजबूत किया है।
पुलिस की तकनीकी ताकत का कमाल: 24 घंटे में बच्चा मिला