कानपुर—उत्तर प्रदेश पुलिस की सख्त छवि के बीच अरौल थाना क्षेत्र से इंसानियत की मिसाल पेश करने वाली एक खबर सामने आई है। यहां एक बेबस महिला की मदद कर चौकी इंचार्ज विशाल शर्मा ने न सिर्फ संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि अपने कर्तव्य से बढ़कर मानवता का परिचय दिया।
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र की एक महिला का पति शराब की लत का शिकार है। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उसने घर का एकमात्र गैस सिलेंडर गिरवी रख दिया और उन पैसों से शराब पी ली। घर में खाना बनाने का कोई साधन न बचने से महिला और उसके छोटे बच्चे भूख से जूझने लगे।
परेशान महिला जब अपनी फरियाद लेकर स्थानीय पुलिस चौकी पहुंची, तो उसकी आपबीती सुनकर चौकी इंचार्ज विशाल शर्मा का दिल पसीज गया। उन्होंने तुरंत मानवीय पहल करते हुए अपनी जेब से 1200 रुपये दिए और महिला का गिरवी रखा सिलेंडर छुड़वाया। सिलेंडर वापस मिलने पर महिला और उसके बच्चों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ नजर आई।
इस घटना की जानकारी जैसे ही सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया पर चौकी इंचार्ज की जमकर सराहना होने लगी। लोग इसे ‘खाकी का मानवीय चेहरा’ बताते हुए कह रहे हैं कि पुलिस सिर्फ कानून का पालन कराने वाली संस्था नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की मददगार भी है।
चौकी इंचार्ज विशाल शर्मा ने कहा, “पुलिस का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि पीड़ित की हर संभव मदद करना भी है। महिला की स्थिति देखकर मैंने एक नागरिक और पुलिसकर्मी दोनों के रूप में अपना कर्तव्य निभाया।”
खाकी का मानवीय चेहरा: दरोगा ने जेब से पैसे देकर जलवाया चूल्हा