कानपुर। नगर निगम के जलकल विभाग (जोन 4 व 6) में उस समय हड़कंप मच गया जब पिछले कई माह से कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को बिना किसी पूर्व नोटिस या लिखित सूचना के अचानक सेवा से हटा दिया गया। इस कार्रवाई से दर्जनों कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रभावित कर्मचारियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वे पिछले करीब सात माह से विभाग में पूरी निष्ठा के साथ कार्यरत थे, लेकिन बिना किसी कारण बताए उन्हें कार्य पर आने से रोक दिया गया।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि यह निर्णय पूरी तरह अमानवीय और नियमों के विपरीत है। उनका कहना है कि हटाए गए कई कर्मचारी अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं, ऐसे में अचानक नौकरी जाने से बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और घर के खर्चों पर गंभीर असर पड़ा है।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की कि सभी हटाए गए आउटसोर्सिंग कर्मियों को तत्काल बहाल किया जाए तथा भविष्य में किसी भी कर्मचारी को हटाने से पहले उचित नोटिस और कारण स्पष्ट किया जाए। साथ ही नगर निगम में आउटसोर्सिंग कर्मियों के लिए पारदर्शी नीति बनाने की भी मांग की गई है।
फिलहाल इस घटना के बाद नगर निगम के अन्य आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में भी असुरक्षा और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
कानपुर नगर निगम में बिना नोटिस हटाए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारी, आजीविका संकट गहराया