कानपुर। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत जीआरपी कानपुर सेंट्रल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट से जुड़े 86 मुकदमों में जब्त कुल 14 किलो 560 ग्राम मादक पदार्थ का विधि सम्मत विनष्टीकरण कर दिया। नष्ट किए गए इस मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत पांच लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (रेलवे) प्रकाश डी. के मार्गदर्शन, पुलिस महानिरीक्षक (रेलवे) प्रयागराज एन. कोलांची के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक (रेलवे) प्रशांत वर्मा की सतत निगरानी में संपन्न हुई। क्षेत्राधिकारी (जीआरपी) दुष्यंत कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
बताया गया कि 1 मार्च 2026 से 31 मई 2026 के बीच चलाए गए ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत ऐसे मामलों को चिन्हित किया गया, जिनमें न्यायालय में कोई अपील, रिवीजन या विचारण लंबित नहीं था। इसके बाद एडीजे-21/स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट कानपुर नगर के आदेश पर वर्ष 2007 से 2021 तक के 86 मुकदमों में बरामद मादक पदार्थों को निस्तारण के लिए चयनित किया गया।
नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (जब्ती, भंडारण, नमूनाकरण और निपटान) नियम 2022 के तहत गठित ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में 30 मार्च 2026 को भैरो घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में इन मादक पदार्थों को जलाकर नष्ट किया गया। इस दौरान अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) अंजली विश्वकर्मा, प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह, उपनिरीक्षक शिव बाबू यादव, मालखाना मोहर्रिर शिव प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल थानों के मालखानों में जमा पुराने जब्ती माल का निस्तारण होता है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त अपराधियों पर भी सख्त संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे, जिससे संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
नशे के कारोबार पर सख्ती: जीआरपी ने 5 लाख का मादक पदार्थ जलाया