कानपुर में अब आपातकालीन (लाइफ थ्रेटनिंग) मरीजों को अस्पताल तक पहुँचाने में देरी नहीं होगी। पुलिस कमिश्नरेट ने एक अहम पहल करते हुए ग्रीन कॉरिडोर व्यवस्था लागू करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है, जिससे एम्बुलेंस को शहर के ट्रैफिक में निर्बाध और प्राथमिकता के साथ रास्ता मिल सके।
पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित समन्वय बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर, अस्पताल संचालक, एम्बुलेंस ऑपरेटर और कंट्रोल रूम से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे।
24×7 सक्रिय रहेगा ‘ग्रीन कॉरिडोर सेल’
इस व्यवस्था के तहत Integrated Command and Control Centre (ICCC) में एक समर्पित ग्रीन कॉरिडोर सेल स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे तीन शिफ्टों में काम करेगा। यह सेल एम्बुलेंस की रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत ट्रैफिक को नियंत्रित कर रास्ता साफ कराएगा।
लाइव CCTV कैमरों और गूगल मैप्स के जरिए एम्बुलेंस की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी, जिससे समय रहते ट्रैफिक पुलिस को अलर्ट किया जा सके।
📞 हेल्पलाइन नंबर जारी
एम्बुलेंस चालकों की सुविधा के लिए एक विशेष नंबर 9454402413 जारी किया गया है। इस पर कॉल, मैसेज, व्हाट्सएप कॉल या लाइव लोकेशन शेयर कर तुरंत मदद ली जा सकती है।
जैसे ही सूचना कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी, संबंधित मार्ग पर तैनात ट्रैफिक पुलिस को अलर्ट कर दिया जाएगा और एम्बुलेंस के लिए रास्ता खाली कराया जाएगा।
पहले से तैनात होगी पुलिस
संभावित जाम या व्यस्त चौराहों पर एम्बुलेंस के पहुँचने से पहले ही पुलिस बल तैनात कर दिया जाएगा, ताकि मरीज को बिना किसी रुकावट के अस्पताल तक पहुँचाया जा सके।
एम्बुलेंस चालक को कंट्रोल रूम को वाहन संख्या, वर्तमान लोकेशन, गंतव्य अस्पताल, प्रस्तावित मार्ग और मरीज की स्थिति जैसी जरूरी जानकारी देनी होगी, जिससे बेहतर समन्वय हो सके।
तैयार हो रहा विस्तृत रूट मैप
बैठक में मिले सुझावों के आधार पर शहर के प्रमुख चौराहों और बड़े अस्पतालों को चिन्हित कर एक विस्तृत रूट मैप तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आपातकालीन यातायात प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाना है।
आमजन से अपील
कानपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि सड़क पर एम्बुलेंस को प्राथमिकता दें, रास्ता दें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। यह छोटी-सी पहल किसी की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
इस नई व्यवस्था से उम्मीद है कि शहर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और तेज़, सुरक्षित और प्रभावी बनेंगी, जिससे अनमोल जिंदगियों को समय पर इलाज मिल सकेगा।