कानपुर—बैंक ऑफ़ इंडिया के कर्मचारियों ने आगामी 30 मार्च को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में शहर में जोरदार प्रदर्शन किया। किदवई नगर स्थित बैंक के आंचलिक कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में बैंककर्मी एकत्र हुए और करीब एक घंटे तक सांकेतिक धरना देकर अपनी मांगों को बुलंद किया।
यह आंदोलन फेडरेशन ऑफ बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ यूनियन के आव्हान पर किया जा रहा है। यूनियन का आरोप है कि बैंक प्रबंधन का रवैया लगातार भेदभावपूर्ण और नकारात्मक बना हुआ है, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरना स्थल पर रजनीश गुप्ता, अंकुर द्विवेदी तथा सुनील कुमार शुक्ला ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक प्रबंधन द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन कर रहा है और स्टाफ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लिपिक और चपरासी वर्ग की भर्तियों को लेकर उदासीनता बरती जा रही है, जिससे कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों पर अत्यधिक काम का दबाव डाला जा रहा है, छुट्टियां स्वीकृत नहीं की जा रहीं और वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) को भी रोका जा रहा है। इस स्थिति से बैंक कर्मियों में असंतोष बढ़ रहा है और उनके कार्य-जीवन संतुलन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बैंक प्रबंधन वार्ता के माध्यम से कोई ठोस समाधान नहीं निकालता है, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को भी मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल वेतन या सुविधाओं का नहीं, बल्कि सम्मान और अधिकारों की रक्षा का भी है।
प्रदर्शन में मनोज तिवारी, एस.के. मिश्र, संत कुमार मिश्रा, अनिल सोनकर, आशुतोष दीक्षित, अनिकेत सिंह, अंशुमान तिवारी, अंकित त्रिपाठी, नितिन शर्मा, रौशुल सचान, रामेंद्र सहाय, पधारीं लाल वर्मा, के.एम. शुक्ला, जी.आर. तिवारी, पंकज शर्मा, सत्येंद्र, शिवम निगम, बसंत लाल सेन, शिवांगी द्विवेदी, राजेश गुप्ता, विकास अवस्थी, मोहम्मद हसीन, आनंद पांडे, योगेश शुक्ला, आशीष मिश्रा, भानु प्रताप सेंगर सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।
बैंक कर्मियों के इस प्रदर्शन से यह स्पष्ट है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो 30 मार्च की हड़ताल का असर बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक रूप से पड़ सकता है, जिससे आम ग्राहकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
30 मार्च को बैंक ऑफ इंडिया कर्मियों की हड़ताल, प्रदर्शन