कानपुर। बिल्हौर क्षेत्र में निर्माणाधीन थाना भवन एवं आवासीय परिसर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कार्य में कई खामियां पकड़ीं और कार्यदायी संस्था को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में ही पूरा किया जाए।
गृह विभाग की थानों के आधुनिकीकरण योजना के तहत इस परियोजना के लिए शासन द्वारा करीब 15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 19 दिसंबर 2024 से शुरू हुआ निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और वर्तमान में अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की बारीकी से जांच की। इस दौरान दरवाजों, कब्जों और फिनिशिंग से जुड़ी कई खामियां सामने आईं, जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश सी एंड डी एस यूनिट-05, जल निगम (नगरीय), कानपुर के अधिकारियों को दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए और सभी कार्य मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं।
परियोजना के अंतर्गत थाना परिसर का निर्माण आधुनिक मॉडल डिजाइन के अनुरूप किया जा रहा है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इसके साथ ही आवासीय परिसर में टाइप-बी के लगभग 26 आवास बनाए जा रहे हैं। आवासीय भवनों पर करीब 8.80 करोड़ रुपये तथा अनावासीय भवनों पर लगभग 7.65 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने थाना परिसर को जीटी रोड से जोड़ने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग (निर्माण खंड-2) को दिए। उन्होंने कहा कि इससे आमजन के साथ-साथ पुलिस पेट्रोलिंग के लिए भी आवागमन अधिक सुगम और प्रभावी हो सकेगा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि पुलिस बल को बेहतर कार्य वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अखण्डेश्वर, सीएंडडीएस के परियोजना अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
निर्माण में खामियां, डीएम सख्त