कानपुर नगर। जिलाधिकारी के निर्देश पर नर्वल तहसील क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सघन अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान बिना पंजीकरण के चल रहे एक अस्पताल को तत्काल सील कर दिया गया, जबकि दूसरे अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम नर्वल विवेक कुमार मिश्रा के नेतृत्व में मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज सीएचसी सरसौल अविनाश यादव एवं थाना महाराजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नरवल मोड़ के पास स्थित श्रेयांश अस्पताल की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहा था और वहां मरीजों को भर्ती कर इलाज भी किया जा रहा था। मौके पर न तो पंजीकरण से संबंधित कोई दस्तावेज मिले और न ही कोई डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद था। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए टीम ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सील कर दिया और संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद टीम ने महाराजपुर-हाथीपुर हाईवे स्थित ओवरब्रिज के पास संचालित आरएस अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां ऑक्सीजन सिलेंडर, ड्रिप और 7-8 स्ट्रेचर बेड जैसे चिकित्सा उपकरण मौजूद पाए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। हालांकि मौके पर कोई मरीज, डॉक्टर या स्टाफ नहीं मिला। केवल एक केयरटेकर मौजूद था, जो कोई भी वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका।
इस पर प्रशासन ने संबंधित अस्पताल संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पताल का बोर्ड हटाने और यदि संचालन बंद है तो सभी चिकित्सा उपकरण तत्काल हटाने के आदेश भी दिए गए।
एसडीएम विवेक कुमार मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि बिना पंजीकरण संचालित अस्पतालों और अवैध चिकित्सकीय गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आम जनता की जान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों में हड़कंप मच गया है, वहीं प्रशासन की इस सख्ती को लेकर स्थानीय लोगों ने संतोष जताया है।
अवैध अस्पतालों पर प्रशासन का शिकंजा, एक सील, दूसरे को नोटिस