कानपुर। कानपुर मंडल में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बिना फिटनेस वाली स्कूली बसों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू कर दिया है। यह अभियान 12 मार्च 2026 से एक सप्ताह तक चलाया जा रहा है, जिसके तहत अनफिट बसों को सड़कों पर चलने से रोकने की कार्रवाई की जा रही है।
परिवहन आयुक्त के निर्देश पर चल रहे इस अभियान में आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने साफ कहा है कि बिना फिटनेस वाली एक भी स्कूली बस सड़कों पर नहीं चलने दी जाएगी। कानपुर, आगरा और अलीगढ़ में हुई हालिया बस दुर्घटनाओं के बाद विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इसी क्रम में एआरटीओ प्रथम विंध्याचल गुप्ता ने बिठूर स्थित प्रभात पब्लिक स्कूल, नारामऊ के वेंडी हाई स्कूल और सेंट जेवियर स्कूल में खड़ी बसों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बसों में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, जीपीएस सिस्टम की लाइव ट्रैकिंग, अग्निशमन यंत्रों की वैधता, फर्स्ट एड बॉक्स तथा आपातकालीन निकास जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। कई स्थानों पर कमियां मिलने पर स्कूल प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी गई है।
आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि अब स्कूली बसों की फिटनेस की निगरानी केवल परिवहन विभाग तक सीमित नहीं रहेगी। जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी भी इस पर सीधी कार्रवाई करेंगे। अभियान के दौरान यदि कोई बिना फिटनेस की बस सड़क पर चलती पाई गई, तो उसे तत्काल सीज कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की स्कूल बस का स्वयं निरीक्षण करें और यदि बस में फिटनेस या सुरक्षा मानकों की कमी दिखाई दे, तो इसकी लिखित शिकायत स्कूल प्राचार्य के साथ ही आरटीओ, डीएम और बीएसए को भेजें। विभाग का उद्देश्य है कि बच्चों का स्कूल तक का सफर हर हाल में सुरक्षित बनाया जा सके।
बिना फिटनेस स्कूली बसों पर सख्ती