कानपुर। गोविंदनगर थाना क्षेत्र के ब्लॉक-13 स्थित एक प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर में दानपात्र चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने मंदिर से चोरी की गई रकम से मोबाइल फोन खरीदा और शेष पैसे शराब व अन्य सामान पर खर्च कर दिए।
जानकारी के अनुसार दो दिन पहले अज्ञात चोरों ने मंदिर की खिड़की की ग्रिल काटकर अंदर रखा दानपात्र चोरी कर लिया था। दानपात्र काफी भारी था और उसमें लगभग 25 हजार रुपये तक की नकदी होने की बात सामने आई थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश भी देखने को मिला था।
पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना गोविंदनगर पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। करीब 110 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर रविवार को ही घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि चोरी करने के बाद आरोपी दानपात्र को पास के एक मैदान में ले गए थे, जहां उसे तोड़कर उसमें रखी नकदी आपस में बांट ली। चोरी की रकम में से कुछ पैसों से उन्होंने एक मोबाइल फोन खरीदा, जबकि बाकी रकम से अन्य सामान खरीदा और शराब पी ली।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक मोबाइल फोन और लगभग 4500 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित, छोटे और कृष्णा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी शातिर किस्म के अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से ही तीन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराध की प्रकृति को देखते हुए भविष्य में आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरे मामले के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक गोविंदनगर, संबंधित चौकी प्रभारियों और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है।
मंदिर का दानपात्र चोरी, तीन आरोपी गिरफ्तार