कानपुर।
शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस स्थित नजूल भूखंड संख्या 5 और 6 (ब्लॉक-14) को लेकर उठे विवाद में मेयर प्रमिला पांडेय के पुत्र अमित पांडेय ने सामने आकर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। अमित पांडेय का कहना है कि उनके खिलाफ फैलायी जा रही खबरें भ्रामक हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से प्रसारित की जा रही हैं।
अमित पांडेय ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में कहा कि 4 मार्च 2026 को कुछ समाचार पत्रों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ नजूल भूमि पर अवैध कब्जा और निर्माण कराने की खबरें प्रसारित की गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो किसी सरकारी या नजूल भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया है और न ही वहां किसी प्रकार का निर्माण कार्य कराया गया है। उनके अनुसार प्रसारित की जा रही खबरें पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक हैं।
उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मीडिया में उनके खिलाफ कथित जांच और रिपोर्ट की चर्चा की जा रही है, जबकि अब तक किसी भी सक्षम अधिकारी या विभाग की ओर से उन्हें कोई नोटिस, समन या प्रारंभिक सूचना तक नहीं दी गई है। बिना उनका पक्ष जाने रिपोर्ट तैयार करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।
अमित पांडेय ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की किसी निष्पक्ष एजेंसी या वरिष्ठ अधिकारी से स्वतंत्र जांच कराई जाए। यदि किसी स्तर पर जांच चल रही है तो उससे जुड़े अभिलेख और साक्ष्य उन्हें उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे अपना पक्ष मजबूती से रख सकें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में आरोप असत्य पाए जाते हैं तो गलत और भ्रामक जानकारी फैलाकर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सिविल लाइंस की नजूल भूमि से जुड़ा यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। मेयर पुत्र द्वारा सीधे जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देने और निष्पक्ष जांच की मांग के बाद प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जिला प्रशासन इस प्रकरण में क्या
नजूल भूमि मामले में मेयर पुत्र का पलटवार, डीएम से जांच की मांग