हाईवे पर खुलेआम डीजल चोरी, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

कानपुर।
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगरी कानपुर में अपराध और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर किए जा रहे प्रशासनिक दावों के बीच नेशनल हाईवे पर डीजल चोरी के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के मरियानी गांव स्थित रेलवे अंडरपास के पास टैंकरों से पाइप के माध्यम से डीजल चोरी किए जाने का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि नेशनल हाईवे किनारे खड़े तेल टैंकरों से पाइप लगाकर डीजल निकाला जा रहा है और उसे पास में रखे ड्रमों में भरा जा रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की सक्रियता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार यह अवैध गतिविधि कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि बीते करीब 15 दिनों से लगातार चल रही है। बताया गया कि रोजाना तड़के सुबह के समय अलग-अलग तेल कंपनियों के चार से पांच टैंकर नेशनल हाईवे पर मरियानी अंडरपास के पास आकर रुकते हैं। इसके बाद सुनियोजित तरीके से पाइपलाइन के जरिए टैंकरों से डीजल निकाला जाता है। चोरी किया गया डीजल ड्रमों में भरकर मौके पर पहले से खड़े एक लोडर वाहन में लादा जाता है, जिसे बाद में आगे सप्लाई के लिए रवाना कर दिया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह काम पूरी तरह से संगठित गिरोह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कई लोग शामिल हैं। आरोप है कि गिरोह के सदस्य हाईवे पर आने-जाने वाले टैंकर चालकों से सांठगांठ कर या फिर किसी अन्य तरीके से इस चोरी को अंजाम दे रहे हैं। चोरी का यह खेल इतनी बेखौफी से चल रहा था कि किसी को भी कानून का डर नहीं दिखाई दिया।
गांव निवासी हिमांशु शर्मा, राकेश, मनोज और नीलेश सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि की जानकारी स्थानीय स्तर पर पहले से थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे न केवल सरकारी और निजी तेल कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था भी खतरे में पड़ सकती है। डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ की खुलेआम चोरी से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि हाईवे पर इस तरह टैंकरों का रुकना और ड्रमों में डीजल भरना आम लोगों की नजरों में भी संदिग्ध गतिविधि है, इसके बावजूद इतने दिनों तक कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। वीडियो वायरल होने के बाद ही मामला प्रशासन के संज्ञान में आया, जिससे निगरानी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर जब चौबेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले विभाग को इस तरह की किसी गतिविधि की सूचना नहीं मिली थी। वायरल वीडियो के आधार पर पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद इस डीजल चोरी में संलिप्त सभी दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल वायरल वीडियो ने नेशनल हाईवे पर चल रहे इस अवैध कारोबार की पोल खोल दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच के बाद इस संगठित डीजल चोरी के नेटवर्क पर कब और किस स्तर तक कार्रवाई होती है, और क्या भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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