कानपुर — कानपुर में फर्जी क्लिनिकों और अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का सख्त अभियान लगातार जारी है। बीते पांच दिनों में संदिग्ध इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है और पूरे जिले में व्यापक स्तर पर जांच और कार्रवाई की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चौबेपुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक क्लिनिकों और मेडिकल स्टोरों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कई स्थानों पर न तो चिकित्सकों की वैध डिग्री पाई गई और न ही क्लिनिक संचालन से संबंधित आवश्यक पंजीकरण दस्तावेज उपलब्ध थे। कुछ मेडिकल स्टोर बिना लाइसेंस के दवाइयां बेचते पाए गए, वहीं कई जगहों पर प्रतिबंधित और एक्सपायरी दवाइयों का भी संदेहास्पद भंडारण मिला।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई फर्जी क्लिनिक ऐसे पाए गए हैं, जहां झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा था। बिना किसी विशेषज्ञता और मान्यता के इंजेक्शन, ड्रिप और दवाइयां देने के कारण ही मरीजों की हालत बिगड़ने और मौत की आशंका जताई जा रही है। इन मामलों को गंभीर मानते हुए संबंधित क्लिनिकों को नोटिस जारी किए गए हैं और कुछ को तत्काल प्रभाव से बंद भी कराया गया है।अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मेडिकल स्टोरों और क्लिनिकों में गंभीर अनियमितताएं पाई जाएंगी, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराते हुए संचालकों को जेल भी भेजा जाएगा। साथ ही, मृतकों के मामलों की विस्तृत जांच कर यह पता लगाया जा रहा है कि इलाज में किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि इलाज के लिए केवल पंजीकृत अस्पतालों और मान्यता प्राप्त चिकित्सकों के पास ही जाएं। किसी भी क्लिनिक या मेडिकल स्टोर पर इलाज कराने से पहले उसकी वैधता और डॉक्टर की योग्यता की जानकारी अवश्य लें। यदि कहीं भी फर्जी क्लिनिक या अवैध मेडिकल स्टोर संचालित होने की सूचना मिले, तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करें।
प्रशासन ने साफ किया है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी और तेज़ किया जाएगा।
फर्जी क्लिनिक और अवैध मेडिकल स्टोरों पर शिकंजा, स्वास्थ्य विभाग का सघन अभियान जारी