कानपुर। 12वीं की परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षक बनने की राह अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) के अंतर्गत बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राएं चार वर्षों में ही स्नातक और बीएड—दोनों डिग्रियां एक साथ प्राप्त कर सकेंगे, जिससे अलग-अलग कोर्स करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग को इस पाठ्यक्रम के संचालन के लिए National Council for Teacher Education (एनसीटीई) से औपचारिक मान्यता मिल चुकी है। एनसीटीई अधिनियम 1993 की धारा 14/15(3)(a) के तहत आवश्यक संसाधनों, आधारभूत संरचना, वित्तीय प्रबंधन और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता का निरीक्षण कर यह स्वीकृति प्रदान की गई है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर बीए-बीएड और बीएससी-बीएड—दोनों पाठ्यक्रमों में 50-50 सीटों की एक-एक इकाई स्वीकृत की गई है।यह नया कार्यक्रम National Education Policy 2020 (एनईपी-2020) के अनुरूप तैयार किया गया है। पाठ्यक्रम में विषयगत ज्ञान के साथ आधुनिक शिक्षण कौशल, डिजिटल टीचिंग टेक्नोलॉजी, विद्यालयी इंटर्नशिप और शोध-आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। कोर्स पूरा होने पर विद्यार्थियों को स्नातक के साथ बीएड की उपाधि प्राप्त होगी, जिससे समय और खर्च—दोनों की बचत होगी।
प्रवेश प्रक्रिया वर्ष 2026 में 12वीं उत्तीर्ण या 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे विद्यार्थियों के लिए खुली रहेगी। आवेदन National Testing Agency (एनटीए) के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च निर्धारित की गई है।मान्यता की शर्तों के तहत विश्वविद्यालय को प्रत्येक वर्ष परफॉर्मेंस एप्रेजल रिपोर्ट (PAR) संबंधित क्षेत्रीय समिति को प्रस्तुत करनी होगी तथा सभी आवश्यक जानकारियों का वेबसाइट पर प्रकटीकरण अनिवार्य होगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में मान्यता वापस लेने का प्रावधान भी रखा गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पहल से कानपुर और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को अपने ही शहर में गुणवत्तापूर्ण और एकीकृत शिक्षक प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। इससे न केवल छात्रों का शैक्षणिक मार्ग सरल होगा, बल्कि प्रदेश में शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई दिशा मिलेगी।
12वीं के बाद शिक्षक बनने का सीधा रास्ता