कानपुर-शहर के सबसे महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्रों में शुमार एलपीएस कार्डियोलॉजी संस्थान के मुख्य द्वार के ठीक बाहर प्रशासन की गंभीर लापरवाही खुलकर सामने आ रही है। रावतपुर स्टेशन तिराहा से कार्डियोलॉजी अस्पताल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों पूरी तरह जर्जर होकर ‘मौत के गड्ढों’ में तब्दील हो चुकी है। इस मार्ग से गुजरना न सिर्फ आम राहगीरों बल्कि गंभीर हृदय रोगियों के लिए भी हर पल खतरे से खाली नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क अति संवेदनशील मार्ग है, क्योंकि रोजाना दिल की गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज एम्बुलेंस के जरिए इसी रास्ते से अस्पताल पहुंचते हैं। इसके बावजूद अस्पताल के ठीक सामने सड़क पर कई जगह गहरे और खतरनाक गड्ढे बन चुके हैं। इन गड्ढों से गुजरते समय वाहनों को तेज झटके लगते हैं, जो हार्ट पेशेंट्स के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
सड़क की यह बदहाल स्थिति संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों की घोर उदासीनता को उजागर करती है। बीते दिन इसी मार्ग पर सड़क की खराब हालत के कारण एक युवक गड्ढे की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गया। गनीमत यह रही कि मौके पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर कुलदीप पांडेय और उनके सहयोगी कांस्टेबल ने तत्परता दिखाते हुए घायल युवक को तुरंत सहारा दिया और नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जिससे उसे समय पर प्राथमिक उपचार मिल सका।
इसके बावजूद, आए दिन हो रहे हादसों और लोगों की शिकायतों के बाद भी संबंधित विभाग ने अब तक सड़क की मरम्मत की कोई ठोस पहल नहीं की है। इससे क्षेत्रीय जनता और मरीजों के परिजनों में भारी आक्रोश है। लोगों का सीधा सवाल है कि आखिर प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है, या फिर यहाँ भी वही पुरानी परंपरा निभाई जाएगी—पहले हादसा, फिर जागता हुआ सिस्टम।
राहगीरों का पक्ष
राहगीरों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि अस्पताल के बाहर ऐसी सड़क होना बेहद शर्मनाक है। एम्बुलेंस में लाए जा रहे हार्ट पेशेंट्स को इन गड्ढों से गुजरते समय जान का गंभीर खतरा बना रहता है। लोगों ने मांग की है कि विभाग तत्काल इस सड़क की मरम्मत कराए, ताकि मरीजों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
अब देखना यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदार विभाग इन ‘मौत के गड्ढों’ को भरकर वास्तविक कार्रवाई करता है या फिर कागज़ों और फाइलों में ही सड़क दुरुस्त होती रहेगी।